नई दिल्ली, जेएनएन। तमाम मुश्किलों और चुनौतियों को पार करके क्रिकेट की दुनिया में अपनी जगह तलाश रही जम्मू-कश्मीर की लड़कियों की देश की राजधानी दिल्ली में देशभक्ति की परीक्षा हो रही है। इन लड़कियों को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट के साथ सोमवार को दिल्ली में एक मैच खेलने का मौका मिला था, लेकिन उनका यह अनुभव थोड़ा कड़वा रहा। 

दिल्ली यूनिवर्सिटी में इन लड़कियों को कुछ असहज सवालों का सामना करना पड़ा। इन युवा महिला क्रिकेटरों से पूछा गया कि उन्होंने रविवार को आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के मैच में भारत और पाकिस्तान में से किसका समर्थन किया था। उनसे अगला सवाल पूछा गया कि जो लोग भारत में रहकर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करते हैं, उनके बारे में वे क्या राय रखती हैं। 

इस टीम की कोच आबिदा खान ने कहा कि उनसे इसी तरह के सवाल बार-बार किए जा रहे थे। ग्रिलक्रिस्ट के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियन हाइ कमीशन की टीम के साथ छह ओवरों के एक प्रदर्शनी मैच में हिस्सा लेने आईं आबिदा ने कहा कि एक खिलाड़ी से ऐसे सवाल पूछा जाना काफी दुखद है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम के खिलाड़ी अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इस तरह वे भारत की ओर से खेल रहे हैं। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आबिदा का कहना था कि टीम की कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना चाहती हैं, लेकिन ऐसे सवालों से उनका मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि उन्हें कश्मीरी होने के बावजूद बार-बार यह साबित करना पड़ता है कि वे भी भारतीय ही हैं। 

उन्होंने भारत-पाक के मैच के बारे में कहा कि भारत ने टूर्नामेंट में काफी अच्छा खेल दिखाया। रोहित शर्मा और विराट कोहली बहुत अच्छा खेले। हालांकि फाइनल में फखर जमां ने अच्छी पारी खेली और पाकिस्तान ने मैच जीता। आपको इसको एक खेल की तरह देखना चाहिए न कि किसी एक टीम के समर्थक के तौर पर। 

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Posted By: Bharat Singh