कोलकाता, प्रेट्र। Ranji trophy semi final: बंगाल को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में 13 साल बाद पहुंचने के लिए शनिवार से यहां खेले जाने वाले सेमीफाइनल में कर्नाटक की चुनौती से पार पाना होगा। कर्नाटक की टीम भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे की वापसी से मजबूत हुई है।

बंगाल की टीम पिछली बार 1989-90 सत्र में रणजी चैंपियन बनी थी जो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का प्रथम श्रेणी में पदार्पण सत्र था। टीम 2006-07 में दीप दासगुप्ता की कप्तानी में आखिरी बार फाइनल में पहुंची थी। आठ बार की चैंपियन कर्नाटक की टीम पिछले कुछ वषरें से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और यह लगातार तीसरी बार है जब टीम ने अंतिम चार में जगह पक्की की है। कोच अरुण लाल की निगरानी में बंगाल ने सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम अगले कुछ दिनों तक घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाना चाहेगी।

अंतिम आठ मुकाबले में बंगाल ने ओडिशा के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। पूर्व कप्तान मनोज तिवारी के अलावा अनुस्तुम मजूमदार, विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी और नए ऑलराउंडर शाहबाज अहमद शानदार लय में है। कर्नाटक की टीम भी राहुल और पांडे के आने से मजबूत हुई। कप्तान करुण नायर के अलावा 19 साल के देवदत्त पाडिक्कल शानदार लय में है। पाडिक्कल मौजूदा सत्र में 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। टीम ने क्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को हराया था।

गुजरात और सौराष्ट्र के बीच रोमांचक मुकाबले की संभावना

सौराष्ट्र और गुजरात शनिवार से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में जब आमने-सामने होंगे तो सपाट विकेट पर उनके गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा होगी। जयदेव उनादकट की अगुआई वाली सौराष्ट्र की टीम का मुकाबला गुजरात की मजबूत टीम से होगा जिसने टूर्नामेंट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया। पिछली बार का उपविजेता सौराष्ट्र हालांकि अपने घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उठाना चाहेगा।

गुजरात ने गोवा को 464 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी जबकि सौराष्ट्र ने आंध्र के खिलाफ पहली पारी में बड़ी बढ़त के आधार पर अंतिम चार में जगह बनाई थी। गुजरात के कप्तान पार्थिव पटेल सही समय पर फॉर्म में लौटे हैं। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में शतक जमाया था। गुजरात के बल्लेबाजों चाहे वह भार्गव मेराई हों या मनप्रीत जुनेजा या फिर समित गोहल सभी ने अच्छी पारियां खेली हैं और यहां भी उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद है। गुजरात के सलामी बल्लेबाज प्रियांक पांचाल अच्छी फॉर्म में नहीं हैं।

सौराष्ट्र की तरफ से कप्तान उनादकट ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। उन्होंने अब तक 55 विकेट लिए हैं जो इस सत्र में किसी भी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अगर सौराष्ट्र को गुजरात के बल्लेबाजों को रोकना है तो स्पिनर धर्मेंद्र सिंह जडेजा को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

Posted By: Sanjay Savern

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