नई दिल्ली, आइएएनएस। कोरोना वायरस के खौफ की वजह से दुनिया भर में कई स्टोर्ट्स इवेंट्स को रद कर दिया गया है तो कई देशों की टीमें दूसरे देशों का दौरा करने से बच रही है। अब आइपीएल भी इससे अछूता नहीं रह गया है। अब इस लीग के सामने संकट ये है कि या तो इसे रद कर दिया जाए या फिर इसका आयोजन बिना दर्शकों के कराया जाए। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर भारत की सरकार ने बीसीसीआइ के सामने साफ कर दिया है कि वो अपने जितने भी मैच का आयोजन करे वो बिना दर्शकों के ही करे। यानी मैचों का आयोजन तो हो, लेकिन स्टेडियम में दर्शकों के लिए इसे देखना संभव नहीं हो पाएगा। 

बोर्ड ने सरकार के इस प्रस्ताव पर कोई पक्ष नहीं रखा है, लेकिन आइपीएल फेंचाइजियों ने सरकार की इस शर्त को मान लिया है, लेकिन उनकी ये शर्त है कि आइपीएल में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों को भारत आने के लिए वीजा देने की अनुमति प्रदान कर दी जाए। आपको बता देें कि विदेशी खिलाड़ी बिजनेस वीजा लेकर भारत इस लीग में हिस्सा लेने के लिए आते हैं और भारतीय सरकार ने 15 अप्रैल तक के लिए किसी भी विदेशी नागरिक को भारत आने के लिए मना कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद विदेशी खिलाड़ी के भारत आने पर 15 अप्रैल तक के लिए रोक लग गई है। अब ये देखना होगा कि क्या सरकार बोर्ड के इस आग्रह पर गौर करती है या नहीं। 

आइपीएल के एक फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने आइएएनएस से बात करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि मैचों का आयोजन बिना दर्शकों के कराया जाए तो हमारे पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता है कि हम इसे बिना दर्शकों के ही आयोजित करें। हालांकि क्रिकेट फैंस के लिए ये दुखद है, लेकिन हमारे पास अन्य कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है क्योंकि WHO ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। दर्शकों के पास इसे टेलीविजन पर देखने के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नहीं है, लेकिन बोर्ड को चाहिए कि वो सरकार से बात करें कि जो विदेशी खिलाड़ी आइपीएल में खेलते हैं उन्हें यहां 15 अप्रैल से पहले आने दिया जाए। 

बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि कहा जा रहा है कि आइपीएल अप्रैल के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। ये अपने तय वक्त से ही होगा। हालांकि मैदान पर दर्शकों के नहीं आने से हमें काफी नुकसान होगा, लेकिन ये आइपीएल नहीं कराने से ज्यादा बड़ा नहीं है। वहीं अगर विदेशी खिलाड़ी इस लीग में शामिल नहीं होते हैं तो लीग की जो एक चमक है वो कहीं ना कहीं फीकी पड़े जाएगी ऐसे में बोर्ड को सरकार से बातचीत करते इन खिलाड़ियों को वक्त पर भारत आने देने के लिए आग्रह करना चाहिए। हालांकि आइपीएल का आयोजन किस तरह के किया जाएगा इस पर मुंबई में शनिवार को आइपीएल गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में ही आखिरी फैसला किया जाएगा। 

Posted By: Sanjay Savern

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