IPL के सभी टीमों के कप्तानों की आलोचना के बावजूद इम्पैक्ट प्लेयर नियम क्यों नहीं खत्म कर रहा BCCI? क्या है इसका कारण
आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को लेकर लगातार सवाल खड़े होते रहते हैं। क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गज जैसे ...और पढ़ें

आईपीएल 2026
HighLights
आईपीएल 2026 की शुरूआत 28 मार्च से होगी
बीसीसीआई ने 2023 में लगाया था इम्पैक्ट प्लेयर नियम
बीसीसीआई क्यों नहीं खत्म कर रहा ये नियम
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल 2023 में बीसीसीआई ने इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लाकर हर किसी को हैरान कर दिया था। इस नियम के आने के बाद फैंस का मनोरंजन हुआ और टूर्नामेंट में बड़े-बड़े स्कोर बनने लगे। हालांकि, तमाम दिग्गज खिलाड़ी इसकी आलोचना कर चुके हैं। इसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े नाम शामिल है। ऐसे में सवाल उथता है कि आखिरी बीसीसीआई इतनी आचोलचनाओं के बावजूद इस नियम को क्यों नहीं हटा रहा है?
आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने वाला है और इससे पहले ये नियम एक बार फिर से चर्चा में है। हाल ही में कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग सभी टीमों के कप्तानों ने इसकी आलोचना की। हालांकि, इसके बावजूद बीसीसीआई इस नियन को नहीं हटा सकता है और आइए आपको इसका कारण बताते हैं।
क्या है इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
आईपीएल 2023 में बीसीसीआई ने इस नियम को लागू किया था। इसके तहत किसी खिलाड़ी के स्थान पर अन्य प्लेयर को प्लेइंग 11 में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मैच शुरू होने से पहले हर टीम पांच सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की घोषणा करती हैं। मैच के दौरान कप्तान इन 5 प्लेयर में से किसी एक को मैदान में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतार सकता है। प्लेइंग 11 में शामिल किसी खिलाड़ी को इसके बदले बाहर जाना होगा। इसी नियम की काफी आलोचना हुई है, जिसमें क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गज शामिल हैं।
IPL 2026 से कप्तानों ने की आलोचना
आईपीएल 2026 से पहले सभी 10 टीमों के कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को लेकर चर्चा हुई। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग सभी कैप्टन इससे सहमत नहीं दिखाई दिए। ऐसे में सवाल है कि बीसीसीआई इतनी आलोचना के बावजूद नियम को क्यों नहीं हटा रहा है?
BCCI इम्पैक्ट नियम को क्यों नहीं हटा रहा?
बीसीसीआई ने आईपीएल में अचानक इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को लागू नहीं किया। इससे पहले इसे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लागू किया गया था और उसका सफलता के बाद आईपीएल में भी लाया गया। ये नियम 2023 से 2027 तक लागू रहेगा क्योंकि बीसीसीआई ने पहले से ही इसे तय कर लिया था। ऐसे में 2028 से नए चक्र की शुरूआत के साथ ही बोर्ड इस इस नियम को हटाने पर विचार कर सकता है।
