नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस महामारी की वजह से इंग्लैंड में इसी साल शुरू होने वाली द हंड्रेड लीग को एक साल के लिए स्थगित करना पड़ा है। 100-100 गेंदों वाले इस टूर्नामेंट का आगाज सत्र अब 2021 में खेला जाएगा। हालांकि, द हंड्रेड लीग को एक साल के लिए स्थगित करने से भी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में इंडियन प्रीमियर लीग और पाकिस्तान सुपर लीग की एक-एक फ्रेंचाइजी ने इस लीग में निवेश करने का फैसला किया है।

दरअसल, द हंड्रेड टूर्नामेंट के इस साल रद होने की वजह से इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को 380 मिलियन पाउंड का घाटा हुआ है। यही कारण है कि ईसीबी ने अब बाहरी निवेश को अनुमति दे दी है। अभी तक ईसीबी ने सिर्फ शहरों की टीमों को खेलने की अनुमित दी थी, लेकिन अब ईसीबी ने टीमों में बाहरी निवेश को भी अनुमित प्रदान कर दी है। ऐसे में आइपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स और पीएसएल फ्रेंचाइजी मुल्तान सुल्तांस के मालिक अपनी टीम बना सकते हैं।

केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने द हंड्रेड लीग में निवेश की संभावना पर विचार करना शुरू कर दिया है। ठीक इसी तरह मुल्तान सुल्तांस के सह-मालिक अली खान तरीन ने भी द हंड्रेड लीग में निवेश करने की योजना बनाई है। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने वेंकी मैसूर के हवाले से कहा है कि वे द हंड्रेड में निवेश की संभावना पर विचार कर रहे हैं। केकेआर के मालिक मैसूर ने कहा, ''मुझे पता है कि यह खबर चल रही है। मैंने इतना ही कहा कि अगर हमसे संपर्क किया जायेगा तो हम इस लीग में निवेश की संभावना पर गौर करेंगे।"

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के सह-मालिकाना हक वाली दो बार आइपीएल विजेता टीम केकेआर ने इससे पहले भी दूसरे देशों की लीगों में इन्वेस्टमेंट किया हुआ है। केकेआर ने साल 2015 में कैरेबियन प्रीमियर लीग यानी सीपीएल की टीम त्रिनिदाद एंड टोबैगो रेड स्टील में निवेश किया था, जिसका नाम अब ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स है। इस टीम ने साल 2017 और 2018 में सीपीएल का खिताब जीता है।

Posted By: Vikash Gaur

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