नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। 2021 की तुलना में लोग 2022 में इस लीग को कम देख रहे हैं। ये आंकड़ा जारी किया है ब्राडकास्ट आडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने जिसके तहत इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में टीवी रेटिंग में 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। आइपीएल को ब्राडकास्टर्स के लिए रेवेन्यू पाने का सबसे बड़ा और सुरक्षित स्थान के तौर पर जाना जाता है लेकिन लगता है अब ये बीते दिनों की बात है। आइपीएल देखने वाले दर्शकों की संख्या की बात करें तो इसमें भी 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन उसमें से प्रमुख कारणों की बात करें तो वो हैं-

दो सबसे सफल टीम का खराब प्रदर्शन- आइपीएल इतिहास में मुंबई और चेन्नई की गिनती दो सबसे सफल टीमों के रूप में की जाती है। लेकिन इस बार दोनों टीमों के प्रदर्शन से फैंस को निराशा हाथ लगी है। यहां तक की सबसे ज्यादा फैंस के मामले में भी इन्हीं दो टीमों का वर्चस्व रहा है। चेन्नई इस सीजन में केवल एक जीत के साथ 9वें स्थान पर है तो मुंबई की टीम 5 मैचों में अपना खाता भी नहीं खोल पाई है।

बड़े खिलाड़ियों की अनुपस्थिति- इस बार कई ऐसे बड़े खिलाड़ी आइपीएल से नदारद हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। एबी डिविलियर्स, क्रिस गेल, बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर जैसे कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें दर्शक देखने के लिए टीवी के सामने बैठते हैं लेकिन इस बार इन सितारों की कमी का खामियाजा आइपीएल के रेवेन्यू माडल को नुकसान पहुंचा रहा है।

कोरोना के कारण दो सीजन के बीच कम गैप- कोरोना के कारण आइपीएल का 14वां सीजन देर से खत्म हुआ था जिसके फौरन बाद आइपीएल के 15वें सीजन की सुगबुगाहट शुरू हो गई। लोगों के सामने इतने मैच आ गए कि वे धीरे-धीरे इससे दूर होते चले गए। इसके अलावा इस बार टीमों की संख्या भी 8 से 10 हो गई जिससे मैचों की संख्या भी बढ़ गई है।

विराट और धौनी की कप्तानी- भारत में विराट कोहली और महेंद्र सिंह धौनी की फैन फालोइिंग किसी से छिपी नहीं है। लोग आरसीबी से कोहली के कारण और सीएसके से धौनी के कारण जुड़े रहते हैं। इस सीजन में दोनों ने कप्तानी छोड़ दी है, हो सकता है कि आइपीएल को इसका भी खामियाजा भुगतना पड़ा है।

उम्मीद है जैसे-जैसे आइपीएल आगे बढ़ेगा और चेन्नई और मुंबई जैसी टीमें वापसी करेंगी तो दर्शकों की संख्या आने वाले दिनों में बढ़े, लेकिन ये इतना आसान नहीं होने वाला है।

Edited By: Sameer Thakur

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