(अकरम का कॉलम)

भारतीय क्रिकेट में फिलहाल रवि शास्त्री की नियुक्ति सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। मैं यहां सभी को एक बात साफ करना चाहूंगा कि रवि कोई जादूगर नहीं हैं। रवि मेरे अच्छे मित्र हैं और भारतीय क्रिकेट में बिगड़े हालात को फिर से ढर्रे पर लाने के लिए वह सटीक व्यक्ति हैं।

लेकिन मुझे लगता है कि बड़ा प्रभाव छोडऩे के लिए पांच वनडे मैच का वक्त थोड़ा कम है। भारतीय टीम को उनके जैसे मेंटर की लंबे वक्त तक के लिए जरूरत है। रवि एक कड़े और हार न मानने वाले फाइटर क्रिकेटर थे। उनकी इन्हीं मजबूतियों का फायदा टीम इंडिया को मिलेगा।

टेस्ट सीरीज के दौरान कप्तान धौनी के अलावा कोई भी दूसरा खिलाड़ी ऐसा नहीं दिखा जो युवा गेंदबाजों से बात कर उनका मनोबल ऊंचा कर सके, या उनका मार्गदर्शन कर सके। स्लिप में क्षेत्ररक्षण दयनीय रहा। ऐसे में रवि की नियुक्ति को मैं सही दिशा में उठाया गया कदम मानता हूं। टीम के साथ संजय और अरुण की मौजूदगी को देखकर भी मैं खुश हूं। मुझे विश्वास है वे चौंकाने वाले परिणाम दे सकते हैं, लेकिन उन्हें भी थोड़े वक्त की जरूरत होगी, कम से कम छह महीने या साल भर।

ड्रेसिंग रूम में अपनी भाषा के लोगों की मौजूदगी का जरूर फायदा मिलेगा। मुझे लगता है कि श्रीलंका से ज्यादा भारत और पाकिस्तान के खिलाडिय़ों को विदेशी कोचों से संवाद करने में थोड़ी ज्यादा परेशानी आती है। हम बड़े देश हैं और अंग्र्रेजी हमारी अपनी भाषा नहीं है। जो भी व्यक्ति हमारी भाषा में हमसे बात करता है हम उससे ज्यादा जल्दी जुड़ जाते हैं, क्योंकि वह हमारी मनोदशा को अच्छी तरह से समझता है।

सोमवार से शुरू हो रहे वनडे सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन उसके चरित्र, तकनीक और 'जीतने की चाहतÓ पर निर्भर करेगा। अगस्त का महीना है और यहां इंग्लैंड में ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। इन परिस्थितियों में गेंद ज्यादा मूव करेगी ऐसे में मुझे उम्मीद है कि वनडे सीरीज में भारतीय बल्लेबाज अपनी तकनीक पर काम करने के बाद उतरेंगे और ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट के किताब में बताए गए शॉट ही लगाने की कोशिश करेंगे।

पहली रणनीति पूरे 50 ओवर खेलने की होनी चाहिए। यदि वह ऐसा करने में सफल होते हैं तो फिर वनडे सीरीज में हमें कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

इंग्लैंड को इन परिस्थितियों का फायदा मिलेगा। भारतीय स्पिनरों को पिच से ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा, जबकि भुवनेश्वर जैसे प्रतिभाशाली स्विंग गेंदबाज भी उनका ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे, क्योंकि काउंटी क्रिकेट में वे भुवनेश्वर जैसे कई गेंदबाजों का सामना करते ही रहते हैं। इंग्लिश बल्लेबाजों को मालूम है कि स्विंग गेंदबाजों को कैसे खेला जाता है। यहां मैं उम्मीद करूंगा कि उमेश यादव अपनी गति से छाप छोड़ें। उनके पास वह एक्स फैक्टर है जिसकी टीम इंडिया को जरूरत है। उनके अलावा मुझे लगता है कर्ण शर्मा को मौका दिया जाना चाहिए। वह एक प्रतिभाशाली लेग स्पिनर हैं।

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