अभिषेक त्रिपाठी, लंदन। भारतीय प्रशंसक टीम इंडिया को जीतते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें रोमांच का तड़का भी चाहिए। भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को जैसे ही पराजित किया वैसे ही पूरे देश में आतिशबाजी और जश्न शुरू हो गया, लेकिन क्रिकेट प्रशंसकों के मन में एक टीस इस बात की रह गई कि उन्होंने इस महामुकाबले में जिस तरह के रोमांच की उम्मीद की थी वह उन्हें कतई नहीं मिला। भारत ने जहां 48 ओवरों में 319 रन बनाए थे तो वहीं पाकिस्तानी टीम 33.4 ओवर में सिर्फ 164 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। प्रदर्शन के आधार पर आकलन करने के बाद श्रीलंका के खिलाफ मैच में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
मजबूत प्रतिद्वंद्वी की दरकार: भारत-पाकिस्तान मुकाबले को एक महासंग्राम की तरह देखा जाता है। चूंकि दोनों देशों के बीच रिश्ते इतने कड़वे हैं इसलिए यह एक क्रिकेट मैच की जगह एक युद्ध में तब्दील हो जाता है। हर भारतीय चाहता है कि भारत किसी भी कीमत पर पाकिस्तान को हरा दे। अधिकतर आइसीसी मुकाबलों में ऐसा होता भी आया है और इस बार भी हुआ, लेकिन इस बार पाकिस्तानी टीम ने जिस तरह अपने हथियार डाल दिए वो क्रिकेट के चाहने वालों को अच्छा नहीं लगा। भारतीयों की एक खास आदत है कि वे अपने बराबरी या अपने से मजबूत लोगों को हराकर खुश होते हैं, जबकि मरियल प्रतिद्वंद्वी को हराने में उन्हें मजा नहीं आता। कुछ ऐसा ही पाकिस्तान के साथ हुआ था। श्रीलंका के खिलाफ मैच में भी क्रिकेट प्रशंसक यही चाहेंगे कि प्रतिद्वंद्वी से कुछ चुनौती तो मिले जिससे क्रिकेट देखने का मजा आए।

ज्यादातर खिलाडि़यों के नाम भी नहीं पता: चाहे पाकिस्तान हो या श्रीलंका, दोनों ही वर्तमान टीमों के अधिकतर खिलाडि़यों के बारे में भारतीय प्रशंसकों को कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि इन दोनों ही टीमों में ऐसा कोई स्टार खिलाड़ी नहीं है जिसकी चर्चा भारतीय सरजमीं पर होती हो और दूसरा इन दोनों ही टीमों के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले कोई भिड़ंत नहीं हुई।

जहां तक पाकिस्तानी टीम की बात करें तो भारतीय प्रशंसकों को उसमें वसीम अकरम, वकार यूनुस, शोएब अख्तर, सईद अनवर, आमिर सोहेल, अब्दुल कादिर, इमरान खान, सलीम मलिक, जावेद मियादाद और मोईन खान जैसे खिलाडि़यों को देखने की आदत रही है। जब पिछले मैच में अजहर अली, अहमद शहजाद, बाबर आजम, शादाब खान और इमाद वसीम जैसे खिलाड़ी खेलने उतर रहे थे तो भारतीयों को उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। बमुश्किल कप्तान सरफराज अहमद, बल्लेबाज मुहम्मद हफीज, शोएब मलिक, मुहम्मद आमिर और वहाब रियाज की शक्लों से लोग परिचित थे, लेकिन ये भी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।

वही हाल श्रीलंकाई टीम का है। अर्जुन रणतुंगा, अरविंद डिसिल्वा, सनत जयसूर्या, कालूवितर्णा, कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने, मुथैया मुरलीधरन, मर्वन अटापट्टू, तिलकरत्ने दिलशान और चामिंडा वास जैसे क्रिकेटरों का जो कनेक्शन भारतीय प्रशंसकों के साथ था, वैसा वर्तमान श्रीलंकाई टीम में सिर्फ लसिथ मलिंगा का है। हालांकि वर्तमान टीम में एंजेलो मैथ्यूज, उपुल थरंगा, दिनेश चांदीमल और नुवान कुलशेखरा जैसे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारतीय प्रशंसक चाहते हैं, लेकिन उनकी छवि और प्रदर्शन स्टारों वाला नहीं है। उन्हें न पहचानने के पीछे सबसे बड़ा कारण पाकिस्तानी खिलाडि़यों का आइपीएल में न खेलना और श्रीलंका के मलिंगा के अलावा वर्तमान टीम का कोई खिलाड़ी आइपीएल नीलामी में चुना नहीं गया। इस कारण भी इनका भारतीयों से कनेक्ट कुछ कम ही है।

क्रिकेट की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 खेल जगत की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Pradeep Sehgal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस