नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। टीम इंडिया पहली बार 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में भाग लेगी।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की शीर्ष परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया।  इससे पहले भारत ने आइसीसी के टूर्नामेंट के अलावा 1998 में क्वालालंपुर में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में अजय जडेजा की कप्तानी में भाग लिया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) खेल के सबसे छोटे प्रारूप को ओलंपिक में शामिल करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन बीसीसीआइ इसके लिए तैयार नहीं था। हालांकि, अब भारत ने सहमति जता दी है। यह पहली बार होगा जब क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किया जाएगा। हालांकि, बीसीसीआइ ने साफ कहा है कि वह ओलंपिक में अपनी टीम तभी भेजेगा जब उसे इस बात की लिखित गारंटी दी जाएगी कि उसे अपनी स्वायत्तता नहीं छोड़नी पड़ेगी।

मालूम हो कि अभी ओलंपिक में भाग लेने वाली टीमें राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) के तहत आती हैं और सभी भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) की छतरी के तहत काम करती हैं। बीसीसीआइ नहीं चाहता कि उसे आइओए और भारत सरकार के अधीन काम करना पड़े।

बीसीसीआइ की बैठक में इसके अलावा भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद को भी मान्यता प्रदान करने पर सहमति बन गई है। यही नहीं इस साल भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप को लेकर भी काफी चर्चा की गई। बैठक में तय हुआ कि नौ शहरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, धर्मशाला, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ, अहमदाबाद और कोलकाता में टी20 वर्ल्ड कप के मैच कराए जाएंगे। आइसीसी कोरोना के कारण सिर्फ सात शहरों में ही मैच आयोजित करने के पक्ष में है। इसके अलावा टी-20 विश्व कप के कर और वीजा मामलों पर भी चर्चा हुई।

बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय वित्त मंत्रालय से इसको लेकर वार्ता चल रही है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमें सकारात्मक खबर मिल जाएगी। इसके अलावा सभी टीमों की तरह पाकिस्तानी टीम को भी समय रहते वीजा मिल जाएगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने हाल की बोर्ड बैठक में कहा था कि उसे उम्मीद है कि भारतीय बोर्ड इस महीने के आखिर तक आवश्यक वीजा गारंटी और करों में छूट हासिल कर लेगा।

बिहार क्रिकेट लीग पर सख्त बीसीसीआइ

मंजूरी न मिलने के बावजूद बिहार क्रिकेट लीग (बीसीएल) का आयोजन किए जाने को लेकर भी शीर्ष परिषद सख्त नजर आई। उसने बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) को दी जाने वाली वार्षिक मदद पहले ही रोक दी है। बोर्ड ने बीसीएल को प्रतिबंधित कर दिया है। एक अधिकारी ने कहा कि बोर्ड ने लिखित और फोन पर कई बार बीसीए को चेतावनी दी लेकिन वे नहीं माने। अभी खिलाडि़यों को प्रतिबंधित नहीं किया गया है लेकिन राज्य संघ को चेतावनी जारी की जाएगी। इसके अलावा उसे सभी कागजात पूरे करके दाखिल करने के लिए कहा जाएगा।

अगर वे उसे पूरा नहीं करते तो फिर कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि बीसीए ने पिछले महीने बीसीसीआइ की आवश्यक मंजूरी के बिना लीग आयोजित की थी। आइपीएल की सफलता के बाद देश भर में राज्यस्तरीय टी-20 लीग शुरू हो रही हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर भ्रष्टाचार के संदेह के दायरे में आई हैं जोकि बीसीसीआइ की नई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के लिए चुनौती है। इस बैठक में तय किया गया कि अगर कोई राज्य लीग शुरू करना चाहते हैं तो उन्हें बीसीसीआइ के सभी नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए एक समिति बन है जो सभी जरूरी चीजें देखेगी।

Indian T20 League

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