नई दिल्ली [संजय सावर्ण]। वर्ल्ड कप 2015 में भारतीय टीम का आगाज शानदार रहा। पाकिस्तान के खिलाफ टीम को शानदार जीत मिली और पिछले कुछ समय से लगातार हार रही इस टीम का मनोबल इससे काफी हद तक बढ़ा। मगर अब भारतीय टीम के लिए अगला मैच काफी कठिन होने वाला है। टीम इंडिया का अगला मुकाबला साउथ अफ्रीका से है, जो इस वक्त बेहद मजबूत टीम है। इतिहास की बात करें तो साउथ अफ्रीकी टीम का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन हमेशा ही खराब रहा है मगर एक सच ये भी है कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप में कभी भी साउथ अफ्रीका से नहीं जीत पाई है। जाहिर है टीम इंडिया इस इतिहास को बदलने की कोशिश जरूर करेगी, मगर टीम में अब भी ऐसी कुछ कमियां हैं जिस पर टीम को काबू पाना होगा और अगर इन कमियों पर काबू नहीं पाया गया तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीत मुश्किल है।

खिलाड़ियों में तालमेल की कमी

पाकिस्तान के खिलाफ ओपनर शिखर धवन (73) काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। काफी दिनों बाद लय में लौटे धवन और भारतीय खेमे के लिए ये अच्छी बात थी मगर उस वक्त उनके साथ क्रीज पर मौजूद विराट कोहली ने जिस तरह उनको रन लेने के लिए बुलाया और फिर वापस भेजा उससे धवन रन आउट हो गए। यहां पर इन दोनों बड़े खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आई। दरअसल कोहली ने शॉट खेला और गेंद फिल्डर के हाथों में थी मगर उन्होंने फिर भी धवन को रन के लिए बुलाया। हालांकि विराट ने मैच में सेंचुरी लगाई फिर भी उन जैसे बड़ा बल्लेबाज अगर इस तरह का गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाता है तो टीम को इसका खमियाजा टीम को भुगतना पड़ सकता है।

पावरप्ले का सही इस्तेमाल

भारतीय खिलाड़ियों को पावरप्ले का सही इस्तेमाल करना ही होगा और ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश करनी होगी जिससे की विरोध टीम पर हावी हुआ जा सके। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने पहले 10 ओवरों में सिर्फ 42 रन बनाए और एक विकेट गवांया। यहां ये गौर करने वाली बात है कि पहले 10 ओवर के 60 गेंदों में महज 42 रन बने। इसके अलावा दूसरा पावरप्ले 35-40 ओवर के बीच भी टीम के बल्लेबाजों ने सिर्फ 25 रन ही बनाए। यहां भी 30 गेंदों में सिर्फ 25 रन बने। गौर करने वाली बात ये है कि दूसरे पावरप्ले के दौरान क्रीज पर दुनिया के सबसे बड़े हीटर और टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी खुद मौजूद थे।

आखिरी क्षणों में विकेट बचाना

भारतीय टीम के बल्लेबाजों को मैच के आखिरी क्षणों में टिककर खेलना ही होगा। पाकिस्तान के विरूद्ध ऐसा लग रहा था कि टीम का स्कोर 350 के आसपास होगा मगर भारतीय टीम मुश्किल से 300 रन तक पहुंच पाई। इसके लिए साफ तौर पर बल्लेबाज जिम्मेदार हैं। टीम का स्कोर एक वक्त 3 विकेट पर 273 रन था मगर बाद में 296 रन पर टीम के 7 बल्लेबाज आउट हो गए यानी 23 रन के अंदर चार विकेट गिर गए। बड़ी टीमों के खिलाफ इस तरह का रवैया टीम पर भारी पड़ सकता है।

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Posted By: sanjay savern