विशाखापत्तनम, प्रेट्र। India vs South Africa 1st test match: 218 वनडे में तीन दोहरे शतक सहित 27 शतक और 42 अर्धशतक जमाने वाले रोहित शर्मा को जब 32 साल की उम्र में ओपनर के तौर पर टेस्ट में खुद को स्थापित करने का मौका दिया गया तो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और आलोचकों की नजरें उन पर टिक गई। उनके प्रशंसकों को लगता था कि वह यह कर देंगे लेकिन आलोचक कहते रहे कि टेस्ट क्रिकेट उनके बस की बात नहीं है।

हालांकि इन सबसे दूर समुद्र किनारे विशाखापत्तनम में रोहित कुछ और ही सोच रहे थे। उन्हें पता था कि यह आखिरी मौका है और उन्होंने अपने 27वें टेस्ट में पहली बार ओपनर के तौर पर उतरकर दोनों पारियों में दो शतक ठोककर दक्षिण अफ्रीका पर तो प्रहार किया ही, साथ ही अपने आलोचकों का मुंह भी बंद कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने फिलहाल अगले कुछ महीनों के लिए ओपनर के तौर पर खुद को भारतीय टेस्ट टीम में सेट कर लिया है।

लाल गेंद के खिलाफ कमाल : रोहित को हमेशा से सफेद गेंद का खिलाड़ी माना जाता रहा लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 176 और दूसरी पारी में 127 रन बनाकर खुद को लाल गेंद का खिलाड़ी भी साबित कर दिया। मयंक अग्रवाल (07) दूसरी पारी में जल्दी पवेलियन लौट गए लेकिन रोहित प्रहार करते रहे। उनकी पारी की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 395 रन का लक्ष्य दिया जिससे अंतिम दिन का खेल रोमांचक होने की उम्मीद है।

भारतीय टीम ने चौथे दिन के तीसरे सत्र तक बल्लेबाजी की और अपनी दूसरी पारी 67 ओवर में चार विकेट पर 323 रन बनाकर घोषित की। दक्षिण अफ्रीकी टीम ने चौथे दिन केवल 45 मिनट बल्लेबाजी की और दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट गंवाकर 11 रन बना लिए। अब उसे यह मैच जीतने के लिए 384 रन जबकि भारत को नौ विकेट की दरकार है। रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में शतक जड़ने वाले डीन एल्गर को एलबीडब्ल्यू आउट किया।

अश्विन और जडेजा से उम्मीद : पिच धीमी बनी हुई है लेकिन इस पर टर्न मिल रहा है और इस पर बने खुरदुरेपन से कुछ गेंदें उछाल भी ले रही हैं। पहली पारी में सात विकेट झटकने वाले रविचंद्रन अश्विन और जडेजा अंतिम दिन भारत के लिए अहम साबित होंगे। एल्गर के आउट होने के बाद अब क्विंटन डिकॉक का विकेट महत्वपूर्ण होगा जो भारत को कई मौकों पर परेशान कर चुके हैं। पहली पारी में बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम अंतिम दिन पूरे 90 ओवर खेलना चाहेगी जिससे मैच ड्रॉ हो जाए क्योंकि इस पिच पर इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करना बहुत मुश्किल है।

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Posted By: Sanjay Savern

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