अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। दिल्ली के प्रदूषण ने राजधानी वासियों की ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की सांसें भी फुला दी थीं। एक समय मैच के आयोजन पर भी तलवार लटक गई थी, लेकिन शाम होते-होते प्रदूषण कम हो गया और अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच पहला टी-20 मुकाबला सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

रविवार की सुबह प्रदूषण कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था और इस कारण बीसीसीआइ और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 तक पहुंच गया था। हालांकि, कुछ और वेबसाइटों के अनुसार यह आंकड़ा 900 के पार था। बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा कि जब हम सुबह मैदान पर आए थे तो स्थितियां परेशान करने वाली थीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) और बांग्लादेश की टीम की तरफ से हमें मैच नहीं कराने का कोई संदेश नहीं मिला था, लेकिन हम खुद दबाव में थे।

मैच रेफरी मुकाबला शुरू होने के दो घंटे पहले ही मैदान पर आते हैं और शाम होते-होते प्रदूषण का स्तर नीचे आ गया। मैच शुरू होने के समय (शाम सात बजे) तो यह स्तर काफी नीचे आ गया और दृश्यता भी ठीक हो गई, जिसके बाद मैच रेफरी रंजन मदुगले ने मैच को हरी झंडी दे दी। इसके बाद हम लोगों ने भी राहत की सांस ली। जब बीसीसीआइ के अधिकारी से पूछा गया कि क्या बांग्लादेश के खिलाडि़यों ने कोई शिकायत की थी तो उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ था, बल्कि उनके गेंदबाजी कोच डेनियल विटोरी और बल्लेबाजी कोच नील मैकेंजी तो गोल्फ खेलने गए थे।

पिछले कई दिनों से दिल्ली के हालात खराब हैं और इसी कारण मैच के आयोजन पर संशय बना हुआ था। हालांकि, बीसीसीआइ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि मैच काफी पहले से तय है और ऐसे में इसे आखिरी समय में रद नहीं किया जा सकता। हालांकि, गांगुली कह चुके हैं कि भविष्य में जब मैच के आयोजन स्थल तय करने की बात आएगी तो सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत में मैच कराने को लेकर हम विचार करेंगे।

क्या कहता है आइसीसी का नियम

आइसीसी के नियमों के मुताबिक मैच रेफरी ही किसी भी मुकाबले पर अंतिम फैसला लेने का अधिकारी होता है। यदि उसे लगता है कि पिच, मैदान या फिर खेलने की स्थितियां मैच के अनुकूल नहीं हैं तो वह मुकाबले को रद करने का फैसला ले सकता है।

नहीं आए गांगुली और जय शाह

बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को भी यह मैच देखने आना था। इन दोनों के पद संभालने के बाद भारतीय टीम का देश में पहला मैच था। गांगुली और शाह को यह मैच देखने के लिए आना था, लेकिन वे नहीं आए। हालांकि, पूर्व अध्यक्ष सीके खन्ना जरूर मैच देखने के लिए आए, लेकिन दिल्ली में होने के बावजूद पूर्व आइपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने घर में ही रहना बेहतर समझा। सूत्रों के अनुसार शाह और गांगुली भी प्रदूषण की वजह से मैच देखने नहीं आए। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की।

कई दर्शक मास्क पहनकर आए मैच देखने

40000 से ज्यादा दर्शक क्षमता वाले अरुण जेटली स्टेडियम में 25000 से ज्यादा दर्शक मैच देखने आए थे। कई प्रशंसक मास्क लगाकर मैच देख रहे थे। ऐसे ही एक दर्शक विनीत दुबे ने कहा कि हम लोग क्रिकेट के फैन हैं। हमें मैच देखने से मतलब है चाहे जैसी भी स्थितियां हों।

Posted By: Sanjay Savern

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