नई दिल्ली, एएनआई। भारतीय क्रिकेट टीम कोलकाता में पिंक गेंद से पहला डे-नाइट टेस्ट मैच 22 नवंबर से बांग्लादेश के विरुद्ध खेलेगी। कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले जाने वाले एतिहासिक टेस्ट मैच के लिए गुलाबी गेंदें भी तैयार हो चुकी हैं। इस गेंद को तैयार करने वाली कंपनी एसजी ने बताया कि पहले डे-नाइट टेस्ट मैच के लिए अब तक 120 गेंदों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रेल बोर्ड (BCCI) को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इन्हीं गेंदों में से कुछ गेंदों का इस्तेमाल इंदौर में नेट प्रैक्टिस के लिए भी इस्तेमाल की गई थी। 

न्यूज एजेंसी एएनआई ने पिंक गेंद बनाने की कुछ तस्वीरें शेयर की जिसमें पता लगता है कि किस तरह से इस गेंद को बनाया गया। वहीं गेंद बनाने वाली कंपनी एसजी यानी संसपैरेल्स ग्रीनलैंड्स ने बताया कि पिछले तीन साल से इस गेंद को लेकर काफी रिसर्च किए गए हैं और इसके बाद हम ये पूरे यकीन के साथ कह सकते हैं कि हमारी गेंदें अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। एसजी के मार्केटिंक डायरेक्टर पारस आनंद ने कहा कि एक पिंक गेंद को तैयार करने में सात से आठ दिन कि समय लगता है। जब बीसीसीआइ ने महीने भर पहले हमसे पिंक गेंद की मांग की तो हम इसे बनाने में पूरी तरह से जुट गए। हमने बोर्ड को कहा है कि ये गेंदें अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। हमने इस गेंद को पूरी तरह से टेस्ट किया है और हम ये कह सकते हैं कि इंटरनेशनल लेवल पर ये पूरी तरह से खरी उतरेगी। 

दिन-रात के टेस्ट में गुलाबी गेंद को लेकर चुनौतियों के बारे में कहा गया है कि एक गेंद पूरे दिन 90 ओवर तक चले ये सबसे बड़ी चुनौती थी। खेल के दौरान पूरे दिन में गेंद का रंग ना जाए इसके लिए भी काम किया गया है। कोलकाता टेस्ट में जो गेंदें इस्तेमाल की जाएंगी वो एसजी की गेंदें हैं और वो उत्तर प्रदेश के मेरठ में तैयार की गई है। इस टेस्ट को लेकर पूरे भारतीय क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उस्ताह है। 

Posted By: Sanjay Savern

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