नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और इंग्लैंड के बीच 5वें टेस्ट के तीसरे दिन सर रवींद्र जडेजा ने एक शानदार नाबाद अर्धशतक लगा कर भारतीय टीम को मुश्किल से बाहर निकाला। टेस्ट सीरीज के पहले 4 मैचों में बाहर बैठने वाले जडेजा को डब 5वें टेस्ट में मौका मिला तो उन्होंने अपने चयन को सही साबित करते हुए पहले गेंद से और फिर बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया।

जडेजा ने पहली पारी में नाबाद 86 रन की पारी खेलते हुए भारत को शर्मिंदा होने से बचा लिया। भारत की पहली पारी में जैसे ही जडेजा की फिफ्टी पूरी हुई वैसे ही उन्होंने अपने पुराने अंदाज में इसका जश्न मनाया। बैट को तलवार की तरह घुमाते हुए उन्होंने पवेलियन की ओर अभिनंदन किया तो इंग्लैंड के खिलाड़ी उन्हें देखते ही रह गए।

जडेजा ने 156 गेंद पर 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 86 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत पहली पारी में 292 रन बनाने में सफल रहा। इसके साथ ही जड्डू ने आखिरी विकेट के लिए जसप्रीत बुमराह के साथ बेशकीमती 32 रन जोड़े।

इस साझेदारी में बुमराह 1 रन का योगदान भी नहीं दे पाए। इसके साथ ही यह जडेजा का इंग्लैंड के खिलाफ सर्वाधिक स्कोर है। इससे पहले भारत जब साल 2014 में इंग्लैंड दौरे पर आई थी तो उन्होंने उस दौरे पर 68 रन की पारी खेली थी। 

वैसे जडेजा के टेस्ट करियर की बात करें तो इस ऑलराउंडर ने अब तक 37 टेस्ट में 31 से ज्यादा की औसत से 1282 रन बनाए हैं। जडेजा अब तक अपने टेस्ट करियर में 9 अर्धशतक लगा चुके हैं। जडेजा बिना शतक लगाए सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले दूसरे भारतीय है। पहले स्थान पर पूर्व ओपनर चेतव चौहान हैं, जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में बिना शतक लगाए 16 अर्धशतक लगाए थे। 

जडेजा ने ना केवल बल्ले से कमाल किया बल्कि गेंदबाजी में भी उन्होंने 4 विकेट लेकर अपनी टीम को मुसीबत से निकाला। अब तो सवाल ये तक उठ रहे हैं कि क्या इस खिलाड़ी को पूरी सीरीज में मौका नहीं दिया जाना चाहिए था।

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Posted By: Lakshya Sharma