नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी: भारत को 21 नवंबर को ब्रिस्बेन में, 23 को मेलबर्न में और 25 नवंबर को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मुकाबले खेलने हैं। टी-20 प्रारूप में भारत का ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड शानदार है और उसने वहां खेले छह मुकाबलों में से चार में जीत हासिल की है।

भारत ने इस साल अब तक कुल 16 टी-20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उसे 13 में जीत मिली है। भारतीय टीम इस साल सिर्फ तीन टी-20 मुकाबले हारी है। इसके अलावा भारतीय खिलाडि़यों और खासकर कलाई के स्पिनरों के प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया में टी-20 सीरीज जीतने की उम्मीद नजर आ रही है।

भारत इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में 1-2 और उसके बाद इंग्लैंड में 1-4 से टेस्ट सीरीज हारा था, लेकिन उसने क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में इन दोनों देशों को तीन-तीन मैचों की सीरीज में 2-1 के अंतर से पराजित किया था। भारतीय टीम ने इस साल आयरलैंड को उसके घर में दो टी-20 मैचों की सीरीज में 2-0 से पराजित किया। इसके अलावा श्रीलंका में निदहास ट्रॉफी में कब्जा किया। इसमें भारतीय टीम के स्पिनरों और खास तौर पर कलाई के स्पिनरों का योगदान रहा है।

भारत के लिए इस साल हुए 16 मैचों में स्पिनरों ने 46 विकेट हासिल किए हैं। इसमें युजवेंद्रा सिंह चहल और कुलदीप यादव जैसे कलाई के स्पिनरों ने ही मिलकर 35 विकेट लिए हैं। जहां चहल ने 13 टी-20 मैचों में 18 तो कुलदीप ने छह टी-20 मुकाबलों में 17 विकेट लिए हैं। इन दोनों के अलावा वाशिंगटन सुंदर और क्रुणाल पांड्या भी टीम में हैं जो स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।

गर्मी का फायदा 

इंग्लैंड की तरह इस बार ऑस्ट्रेलिया में भी पिछली बार की अपेक्षा गर्मी पड़ रही है। टीम के पास तेज गेंदबाज के तौर पर भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव और खलील अहमद भी हैं। अब देखना होगा कि विराट ऑस्ट्रेलिया में किस संयोजन के साथ खेलते हैं। बड़े मैदान होने के कारण विराट टी-20 सीरीज में दो स्पिनर, एक ऑलराउंडर और दो तेज गेंदबाजों के संयोजन के साथ भी उतर सकते हैं। हालांकि, बहुत कुछ पिच को देखकर ही तय होगा।

टीम को इस बार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की कमी खलेगी। एशिया कप के दौरान चोटिल होने के कारण हार्दिक टीम से बाहर हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर उनके जैसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के होने से टीम का संयोजन परफेक्ट हो जाता है।

कुलदीप होंगे तुरुप का इक्का 

भारत के खिलाफ सनथ जयसूर्या, सईद अनवर, एडम गिलक्रिस्ट, मैथ्यू हेडन और एंडी फ्लॉवर जैसे बायें हाथ के बल्लेबाजों ने हमेशा ही तहलका मचाया है और ऑस्ट्रेलिया की वर्तमान टीम में भी कई बायें हाथ के बल्लेबाज हैं। इनके खिलाफ चाइनामैन कुलदीप तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।

कुलदीप के कोच कपिल ने कहा कि बायें हाथ के बल्लेबाजों के लिए चाइनामैन गेंद खतरनाक होती है। बायें हाथ से गेंदबाजी करने वाले कुलदीप की चाइनामैन गेंद बायें हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर की तरफ निकलती है। वह उनके लिए लेग ब्रेक जैसी होगी, जबकि जब वह गुगली फेंकेगा तो गेंद बायें हाथ के बल्लेबाजों के लिए ऑफ ब्रेक का काम करेगी, यानि अंदर आएगी। 

वहीं, दूसरे छोर से जब दायें हाथ के स्पिनर अश्विन ऑफ ब्रेक फेंकेंगे तो वह बायें हाथ के बल्लेबाज के लिए लेग ब्रेक का काम करेगी और बाहर की तरफ निकलेगी। ऐसे में दोनों तरफ से दबाव पड़ेगा और फिर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को यह तय करना होगा कि वह इनमें से किस पर रन बनाएं। रन बनाने के प्रयास में हमें विकेट मिलेंगे।

वनडे और टी-20 के अलावा टेस्ट में भी कुलदीप मारक साबित होंगे क्योंकि वह पांच दिनी क्रिकेट में सारी गेंद फेंक सकते हैं। वनडे और टी-20 में तो क्षेत्ररक्षण की बाध्यताएं होती हैं, लेकिन टेस्ट में आप तीन स्लिप, गली, शॉर्ट लेग, सिली प्वांइट लगा सकते हैं। ऐसे में कुलदीप ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं।

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Posted By: Lakshya Sharma

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