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आईपीएल में तूफान मचाने के बाद कमजोर पड़ गए वैभव सूर्यवंशी, क्या रास नहीं आ रही 50 ओवरों की क्रिकेट?

Published: Mon, 15 Jun 2026 03:18 PM (IST)

वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट में तो धमाल मचाया है, लेकिन श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए के साथ वनडे में उनका बल्ला शांत ही रहा है।

वैभव सूर्यवंशी का बल्ला रहा खामोश

वैभव सूर्यवंशी का बल्ला रहा खामोश

HighLights

  1. वैभव सूर्यवंशी इंडिया-ए के साथ नहीं दिखा पाए कमाल

  2. तीन मैचों में वैभव का बल्ला रहा खामोश

  3. आईपीएल में वैभव ने बरसाए थे रन 

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से धमाल मचाया। वह आईपीएल-2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और इसी कारण भारत की टी20 टीम में उन्हें जगह मिली। लेकिन 15 साल के इस युवा बल्लेबाज के लिए टी20 से वनडे फॉर्मेट में शिफ्ट करना मुश्किल दिख रहा है।

ऐसा इसलिए क्योंकि श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए टीम के साथ गए वैभव 50 ओवरों के प्रारूप में वो कमाल नहीं दिखा पाए जिसकी उम्मीद उनसे की जा रही थी। तीसरे वनडे में भी वैभव का बल्ला नहीं चला और वह फेल हो गए।

तीन मैचों में नहीं दिखा रंग

वैभव ने इंडिया-ए के साथ श्रीलंका दौरे पर तीन मैच खेले हैं और तीनों में ही वह फेल रहे हैं। श्रीलंका-ए के खिलाफ उन्होंने पहले मैच में 14 रन बनाए। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ उन्होंने अपने तूफानी अंदाज की झलक दिखाई और 44 रन ठोके, लेकिन इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। सोमवार को श्रीलंका-ए के खिलाफ वह 14 गेंदों पर 21 रन ही बना पाए।

इस दौरान सबसे बड़ी समस्या जो वैभव में दिखी वो टी20 से वनडे में शिफ्ट करना रही। वह वनडे में भी उसी अंदाज और उसी सोच के साथ खेलते हुए दिखे जिस तरह से टी20 में दिखाई दे रहे थे। खेल की परिपक्वता यही है कि खिलाड़ी इस बात को पहचाने कि वह किस प्रारूप में खेल रहा है। ऐसे में उसे अपने स्वाभाविक खेल को नजरअंदाज नहीं करना होता बस कुछ बदलाव करने होते हैं ताकि लंबी पारी खेली जा सके।

वैभव को अपने खेल में यही परिपक्वता को जाहिर करना होगा और सीखना होगा कि बड़े मंच पर कैसे बदलते फॉर्मेट के साथ अपनी सोच में बदलाव किया जाता है और किस एप्रोच के साथ उतरा जाता है।

अभी समय है

वैभव के पास समय की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें ये बात ध्यान में रखनी होगी कि वह समय का सदुपयोग करें और लगातार अपने खेल में सुधार करें। उन्हें भारत की टी20 टीम में मौका मिला है जहां वह एक से एक खिलाड़ियों से मिलेंगे और सीखेंगे। उन पर सभी की नजरें और सभी को उनमें भारत का भविष्य दिखता है। जरूरत है तो अपने घर को लगातार सुधारने और समझने की। तीन फॉर्मेट में खेलना हर किसी का सपना होता है, लेकिन हर फॉर्मेट के हिसाब से खुद को ढालना भी चुनौती होती है और वैभव को ये चुनौती स्वीकार करनी होगी तभी वह उस मुकाम तक पहुंच पाएंगे जहां विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा जैसे दिग्गज पहुंचे।

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