दुबई। पेप्सीको की चेयरमैन और सीईओ इंदिरा नूई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक नियुक्त किया गया है। वो बोर्ड के साथ जून 2018 से जुड़ेंगी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है उसे लेकर मैं रोमांचित हूं साथ ही आइसीसी के साझेदारों और क्रिकेटरों के साथ काम करने का मुझे इंतजार है। 

आइसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने इसे को बेहतरीन कदम बताते हुए कहा कि एक और स्वतंत्र निदेशक और वह भी महिला को नियुक्त करना देश के संचालन को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम है। उनकी नियुक्ति दो साल के लिये की गई है, लेकिन उन्हें दोबारा नियुक्त किया जा सकता है। वे लगातार छह साल तक ही इस पद पर रह सकती हैं। उनका स्वागत है और हमें काफी खुशी है। 

नूई विश्व की ताकतवर महिलाओं में से एक हैं। पिछले वर्ष आइसीसी ने स्वतंत्र महिला डायरेक्टर पद को जून में मान्यता दी थी। नूई ने कहा कि मुझे क्रिकेट हमेशा से ही पसंद है और मैंन कॉलेज के दौरान ये खेला था। ये हमेशा ही टीमवर्क और चुनौती देना सिखाता है। नई की कामयाबी का सफर कमाल का रहा है। 

ऐसा रहा है इंदिरा नूयी की कामयाबी का सफर...

-इंदिरा नूई का जन्म चेन्नई में हुआ था. शिक्षा चेन्नई में ही हुई।

-साइंस से ग्रैजुएशन करने वाली इंदिरा ने बाद में कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मैनेजमेंट की पढ़ाई की. भारत में ही करियर शुरु किया।

-कुछ वर्षों तक काम करने के बाद इंदिरा पढ़ाई करने के लिए अमरीका गईं और वहां येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से उन्होंने पढ़ाई की।

-कई कंपनियों में काम करने के बाद 1994 में इंदिरा ने पेप्सिको ज्वाइन किया.।38 वर्ष की उम्र में उन्होंने पेप्सिको में लंबी अवधि की नीतियां बनाने की प्रमुख के तौर पर ज्वाइन किया। 

-10 साल के बाद 2004 में कंपनी की मुख्य फाइनेंस अधिकारी और 2006 में वो कंपनी की सीईओ बनीं।

-60 साल की इंदिरा पेप्सिको का नेतृत्व करने वाली न केवल पहली महिला हैं बल्कि पहली विदेशी भी. 2006 के बाद से वो दुनिया की शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल रही हैं।

-2007 में उन्हें पद्म भूषण सम्मान भी दिया गया था।

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Posted By: Sanjay Savern