जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजकर कुछ मुद्दों पर कोर्ट से निर्देश मांगा है। लेकिन शीर्ष अदालत में शुक्रवार को इस मसले पर सुनवाई नहीं हो सकी। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले की सुनवाई दूसरी पीठ को भेज दी।

गावस्कर ने सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में पत्र भेजकर निर्देश मांगा है, लेकिन माना जा रहा है कि गावस्कर ने अपने पत्र में कोर्ट से अपनी आगे की भूमिका के बारे में पूछा है। क्योंकि सुप्रीमकोर्ट ने उन्हें आइपीएल-7 के दौरान बीसीसीआइ के अंतरिम अध्यक्ष का कामकाज देखने का निर्देश दिया था। आइपीएल-7 समाप्त हो चुका है ऐसे में गावस्कर ने आगे की भूमिका जाननी चाही है।

यह मामला मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा, न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन नारीमन के समक्ष लगा था, लेकिन पीठ ने सुनवाई नहीं की और मामला बीसीसीआइ के मसले पर पहले से सुनवाई कर रही पीठ को भेज दिया। बात यह है कि न्यायाधीश रोहिंगटन जज बनने से पहले इस मामले में एन श्रीनिवासन की ओर से वकील के तौर पर पेश हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने आइपीएल फिक्सिंग मामले में श्रीनिवासन सहित 13 क्रिकेटरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की अगुआई में गठित समिति मामले की जांच कर रही है। जांच का यह आदेश न्यायमूर्ति एके. पटनायक व न्यायमूर्ति एनएफ कलीफुल्ला ने दिया था लेकिन जस्टिस पटनायक सेवानिवृत्त हो चुके हैं ऐसे में अब यह मामला उस पीठ के समक्ष लगेगा जिसमें न्यायमूर्ति एफएम कलीफुल्ला शामिल होंगे।

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