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4,500 करोड़ का खतरा... पाकिस्तान की जिद से क्या बर्बाद हो जाएगा ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम?

Published: Mon, 02 Feb 2026 01:36 PM (IST)

पाकिस्तान सरकार ने T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है। यह मैच वैश्विक ...और पढ़ें

पाकिस्तान की जिद से क्या बर्बाद हो जाएगा ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम?

पाकिस्तान की जिद से क्या बर्बाद हो जाएगा ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम?

स्पोर्ट्स डेस्क,नई दिल्ली। एक मैच, जो वर्ल्ड कप का 'पावर बैंक' है... अगर कोई एक टीम उस मैच का बहिष्कार करेगी तो ये समझा जा सकता है कि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम को कितना नुकसान पहुंचेगा। ये भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का ही मुकाबला है, जो केवल एक शेड्यूल का हिस्सा नहीं है, बल्कि ये वो मैच है, जो पूरे टूर्नामेंट को आर्थिक मजबूती देता है। 

पाकिस्तान की जिद से क्या बर्बाद हो जाएगा ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम?

दरअसल, 1 फरवरी 2026 की शाम को पाकिस्तान सरकार ने अपनी नेशनल टीम को वर्ल्ड कप भेजने की मंजूरी तो दी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने का फैसला किया। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि 15 फरवरी 2026 को होने वाले भारत-पाक मैच को पाकिस्तान नहीं खेलेगा। 

इस पर आईसीसी (ICC) ने जो बयान दिया वो किसी चेतावनी से कम नहीं था, क्योंकि वे जानते हैं कि ये राजनीति का नहीं, बल्कि अरबों-खरबों के उस निवेश का मामला है, जिससे दुनिया के छोटे क्रिकेट बोर्ड्स का घर चलता है।

आसानी से समझें तो भारत-पाकिस्तान का मैच क्रिकेट की दुनिया का वो 'पावर इंजन' है, जिसके रुकते ही ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की वित्तीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। ये सिर्फ दो अंकों की लड़ाई नहीं, बल्कि 500 मिलियन डॉलर दांव पर लगे होने का खतरा है। 

अब अगर पाकिस्तान सरकार इस मैच से पीछे हटती है, तो इसका असर केवल पिच पर नहीं, बल्कि क्रिकेट की पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कैसे?

T20 World Cup 2026: 4500 करोड़ का नुकसान

भारत-पाक के इस एक मैच की कीमत लगभग 4500 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें सिर्फ टिकटों की बिक्री ही नहीं, बल्कि टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन, बड़ी कंपनियों की स्पॉन्सरशिप और दुनिया भर में होने वाले कारोबार शामिल हैं। क्रिकेट की दुनिया में कोई भी दूसरा मैच इतनी कमाई नहीं कर सकता।

टीवी या मोबाइल पर जब आप मैच देखते हैं, तो बीच में आने वाला सिर्फ 10 सेकंड का विज्ञापन दिखाने के लिए कंपनियों को 25 से 40 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

ब्रॉडकास्टर का भारी नुकसान

इस मैच के नहीं होने से ब्रॉडकास्टर को भारी नुकसा हो सकता है। एक एड जो कि केवल 10 सेकंड का हो, उसके स्लॉट के लिए कंपनियां 25 से 40 लाख रुपये तक खर्च करती हैं। अकेले विज्ञापन से इस एक मैच में 300 करोड़ रुपये की कमाई होती है। अगर मैच नहीं हुआ, तो 'जियो-स्टार' जैसे ब्रॉडकास्टर्स आईसीसी (ICC) से भारी हर्जाने या रिफंड की मांग करेंगे, क्योंकि उन्होंने करोड़ों रुपये इसी एक मुकाबले के भरोसे लगाए हैं।

पाकिस्तान के लिए 'अस्तित्व' का संकट

भारत के लिए ये आर्थिक चोट सहने योग्य हो सकती है, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को बहुत बड़ा झटका लगेगा। पीसीबी को आईसीसी के राजस्व का लगभग 5.75% हिस्सा मिलता है। मैच से हटने का मतलब है टूर्नामेंट समझौतों का उल्लंघन। ऐसे में पीसीबी को न केवल जुर्माना भरना होगा, बल्कि ब्रॉडकास्टर्स के नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ सकती है।

छोटे देशों पर भी गिरेगी गाज

आईसीसी जो पैसा कमाती है, वही बाकी छोटे क्रिकेट बोर्ड्स (जैसे आयरलैंड, नीदरलैंड्स या अफगानिस्तान) में बांटती है। अगर भारत-पाक मैच नहीं हुआ, तो आईसीसी की कुल कमाई गिरेगी, जिसका सीधा मतलब है कि दुनिया के तमाम छोटे देशों को मिलने वाला बजट कम हो जाएगा।

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