नई दिल्ली, आइएएनएस। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के उस खिलाड़ी के बारे में जिक्र किया है जो टेस्ट क्रिकेट में 900 विकेट लेने की क्षमता रखता था। गौतम गंभीर का मानना है कि पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले टेस्ट क्रिकेट में 600 की जगह 900 विकेट ले सकते थे, लेकिन उसके लिए एक तकनीकि की आवश्यकता था, जिसका आविष्कार काफी समय के बाद हुआ।

जी हां, गौतम गंभीर ने कहा है कि अगर अनिल कुंबले के करियर के शुरुआत में ही डिसिजन रिव्यू सिस्टम यानी डीआरएस का प्रयोग शुरू हो गया होता तो वे 900 विकेट चटका सकते थे। उन्होंने आउट-ऑफ-द ट्विकर हरभजन सिंह की भी प्रशंसा की और कहा कि अगर डीआरएस टेक्नोलॉजी जल्दी शुरू हो जाती तो उनको भी बहुत फायदा मिलता। अनिल कुंबले की बात करें तो वे डीआरएस के बिना भी सफल गेंदबाज हैं।

अनिल कुंबले विश्व के तीसरे सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट चटकाने वाले खिलाड़ी हैं। 132 टेस्ट मैचों में कुंबले ने 619 विकेट चटकाए हैं। भारत की तरफ से इतने विकेट किसी भी गेंदबाज ने नहीं हासिल किए हैं। विश्व क्रिकेट की बात करें तो उनसे आगे मुथैया मुरलीधरन और शेन वार्न हैं। वहीं, हरभजन सिंह ने 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट हासिल किए हैं। हरभजन सिंह भारत की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज हैं।

गौतम गंभीर ने एक इंटरव्यू में कहा है, "डीआरएस तकनीक के साथ अनिल कुंबले ने 900 विकेट और हरभजन सिंह ने 700 विकेट हासिल किए होते। वे फ्रंट फुट पर एलबीडब्ल्यू के फैसले से चूक गए। कल्पना कीजिए कि भज्जू पा ने केप टाउन में सात विकेट लिए। अगर वे विपक्षी टीम के खिलाफ हावी होते तो फिर टीम 100 रन भी नहीं बना पाती।" बता दें कि गौतम गंभीर ने अनिल कुंबले की कप्तानी की भी तारीफ की है और कहा है कि अगर उनको लंबे समय के लिए टीम की कप्तानी मिलती तो वे तमाम रिकॉर्ड तोड़ सकते थे।

Posted By: Vikash Gaur

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