नई दिल्ली। फेमा के उल्लंघन के मामले में बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। श्रीनिवासन पर 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए आइपीएल के दूसरे सत्र में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड (सीएसए) को बीसीसीआइ द्वारा करीब 400 करोड़ रुपये के फंड को गलत तरीके से ट्रांसफर करने का आरोप था। उनसे ललित मोदी के वकील ने जिरह की।

आरोपों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में आइपीएल-2 को आयोजित कराने के लिए बीसीसीआइ ने रिजर्व बैंक से बिना अनुमति लिए एक विदेशी अकाउंट का इस्तेमाल किया था। मोदी के वकील महमूद अब्दी ने कहा कि श्रीनिवासन ने जिरह के दौरान बताया कि सभी फैसले तत्कालीन बीसीसीआइ अध्यक्ष शशांक मनोहर और कोषाध्यक्ष एमपी पांडोव द्वारा लिए गए थे। श्रीनिवासन ने ज्यादातर प्रश्नों के जवाब में कहा कि उन्हें याद नहीं क्योंकि इस बात को करीब 10 साल हो गए हैं।

श्रीनिवासन तब बोर्ड के सचिव हुआ करते थे। अब्दी ने बताया कि अब तक बीसीसीआइ के किसी भी अधिकारी से मोदी के एक दिन के भी आर्थिक और दूसरे फैसलों में शामिल होने को लेकर प्रश्न नहीं किया गया है।

उधर, ईडी ऑफिस से बाहर आने के बाद श्रीनिवासन ने किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं दिया और ना ही ईडी अधिकारियों ने जिरह को लेकर कुछ बताया। इस साल फरवरी में बांबे हाई कोर्ट ने मोदी की उस आवेदन को मान लिया था जिसमें वह बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारियों से ईडी के सामने जिरह करना चाहते थे।

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Posted By: Sanjay Savern