शारजाह, प्रेट्र। शानदार लय में चल रही इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें शनिवार को  टी-20 विश्व कप के सुपर-12 चरण के ग्रुप-ए मुकाबले में जब एक-दूसरे का सामना करेंगी तो उनके सामने टूर्नामेंट के अंतिम-चार में जगह पक्की करने की चुनौती होगी।

इंग्लैंड की टीम ने अब तब अपने चारों मुकाबले जीते हैं और +3.183 के नेट रन रेट के कारण उनका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय है। दक्षिण अफ्रीका की टीम चार मैचों में छह अंक के साथ ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। इंग्लैंड के अलावा इस ग्रुप से दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के पास सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है। आस्ट्रेलिया का नेट रन रेट दक्षिण अफ्रीका से बेहतर है लेकिन दक्षिण अफ्रीका के लिए अच्छी बात यह है कि उनका मैच आस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज के मुकाबले के बाद है। ऐसे में अफ्रीकी टीम को पता होगा कि अंतिम-चार में जगह पक्की करने के लिए उन्हें क्या करना होगा।

कप्तान तेंबा बावुमा की टीम दक्षिण अफ्रीका मैच में थोड़ी भी कोताही नहीं बरतना चाहेगी। उन्हें अपनी उम्मीदों को बनाए रखने के लिए एक शानदार जीत की जरूरत है। टीम की लय पर सवाल उठ रहा है और ऐसे में शानदार फार्म में चल रही इंग्लैंड की टीम इस मैच में जीत की प्रबल दावेदार होगी। बांग्लादेश, श्रीलंका और वेस्टइंडीज पर लगातार तीन जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका को अपने पिछले मैच में आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली हार का सामना करना पड़ा। इससे उनके अभियान पर सवाल खड़े हो गए।

इंग्लैंड इसका फायदा उठाना चाहेगा और अपने ग्रुप अभियान को शानदार रिकार्ड के साथ समाप्त करना चाहेगा। उन्होंने अपने अभियान में अब तक कमोबेश सभी कमियों को दूर किया है। इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान के अलावा टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक लग रही है। उनके लिए हालांकि ग्रुप चरण के सभी चार मैच आसान नहीं रहे। टीम पर जब भी कोई परेशानी होती है तो कोई न कोई खिलाड़ी सफलता से उन्हें इससे बाहर निकाल लेता था। इंग्लैंड की बल्लेबाजी जोस बटलर, जेसन राय, डेविड मलान, जानी बेयरस्टो और कप्तान इयोन मोर्गन के इर्द-गिर्द घूमती है।

बटलर ने पिछले मैच में दो शानदार उपलब्धि हासिल की। उन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक लगाया। वह इसके साथ ही खेल के तीनों प्रारूप में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज भी बन गए। बटलर शनिवार को मैच में एक बार फिर अपनी लय को जारी रखना चाहेंगे। इंग्लैंड के लिए एक और सकारात्मक चीज यह है कि कप्तान मोर्गन लय में लौट आए हैं। उन्होंने पिछले मैच में 36 गेंदों में 40 रन बनाए और बटलर के साथ 112 रन की साझेदारी की। गेंदबाजी के मोर्चे पर मोइन अली और आदिल राशिद की स्पिन जोड़ी अब तक बेहतरीन रही है, जबकि क्रिस वोक्स, क्रिस जार्डन और लियाम लिविंगस्टोन ने तेज गति विभाग में टीम के लिए अच्छा योगदान दिया है। इंग्लैंड को हालांकि बायें हाथ के तेज गेंदबाज टायमल मिल्स की कमी खलेगी। वह अपने पिछले मैच में मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।

दक्षिण अफ्रीका भले ही लगातार तीन मैच जीतने में सफल रहा हो, लेकिन टीम का अभियान प्रभावशाली नहीं रहा है। वे आस्ट्रेलिया जैसी बेहतर टीम के खिलाफ दबाव में बिखर गए और तेंबा बावुमा की टीम इंग्लैंड के खिलाफ कोताही बरतने की गलती नहीं कर सकते। अगले दौर में पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका की किस्मत पूरी तरह से उनके ही हाथ में नहीं है। टीम को आस्ट्रेलिया के मुकाबले नेट रन रेट बेहतर करने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ बड़े अंतर से जीत की जरूरत है या उम्मीद करनी होगी कि वेस्टइंडीज की टीम आस्ट्रेलिया को बड़े अंतर से हराए।दक्षिण अफ्रीका बल्लेबाजी विभाग में क्विंटन डिकाक, एडेन मार्करैम, रासी वान डर डुसेन , तेंबा बावुमा और डेविड मिलर पर निर्भर करेगा, जबकि गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व टी-20 के शीर्ष गेंदबाज तबरेज शम्सी करेंगे। इस विभाग में एनरिक नोत्र्जे और ड्वेन प्रीटोरियस ने उनका अच्छा साथ दिया है।

Edited By: Sanjay Savern