अभिषेक त्रिपाठी, लंदन। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और भारत की कंपनियों का ही क्रिकेट में दखल नहीं है, बल्कि टीम इंडिया के प्रशंसकों का भी इस क्षेत्र में जलवा है। इंग्लैंड में खत्म हुए विश्व कप में अधिकतर मैदानों पर खासकर भारत के मैचों में सिर्फ भारतीय दर्शक ही नीली टीशर्ट में नजर आते थे। यही नहीं, बर्मिघम में इंग्लैंड की टीम मेजबान के तौर पर खेल रही थी, लेकिन पूरा एजबेस्टन स्टेडियम भारतीय प्रशंसकों से भरा हुआ था। विराट सेना के प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय प्रशंसकों ने फाइनल मुकाबले के अधिकतर टिकट भी खरीद लिए थे, लेकिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम खिताबी मुकाबले में पहुंच गई।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच में फाइनल में पहुंचने के कारण दोनों देशों के प्रशंसकों की इस मैच में रुचि बढ़ गई, लेकिन सारे टिकट पहले से ही बिक जाने के कारण उनको टिकट नहीं मिल रहे थे। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी जिम्मी नीशाम ने एक दिन पहले भारतीय प्रशंसकों से प्रार्थना की थी कि वे अपने टिकट आइसीसी के रीसेल प्लेटफॉर्म पर बेच दें, जिससे उनके प्रशंसक उनकी टीम का मुकाबला देख सकें। मैच के दिन सुबह जब सब लोग लॉ‌र्ड्स की तरफ जा रहे थे तो दोनों देशों के प्रशंसक तख्ती लगाकर टिकट देने का निवेदन कर रहे थे।

न्यूजीलैंड के प्रशंसक एंडी मैकमिलन सेंट जॉन वुड्स ट्यूब स्टेशन के पास तख्ती लेकर खड़े थे। उस पर लिखा था कि मैं वास्तविक प्रशंसक हूं। मैं उस दाम तक टिकट खरीद सकता हूं जिसमें मुझे अपना घर गिरवी नहीं रखना पड़े। वहीं इंग्लैंड के प्रशंसक रॉबर्ट बॉथम सुबह से यहां पहुंच गए थे और करीब दो घंटे हाथ में तख्ती लेकर घूमते रहे, उसके बाद उन्हें 800 पाउंड का एक टिकट मिला। उन्होंने कहा कि मैं मैच शुरू होने के तीन घंटे पहले ही यहां पहुंच गया था। मैंने तख्ती में लिख रखा था कि मैं पहली बार इंग्लैंड को विश्व कप जीतते हुए देखना चाहता हूं। कृपया करके इस टीम के वास्तविक प्रशंसक को अपने घर में मैच देखने के लिए टिकट बेच दें। उन्होंने कहा कि एक भारतीय ने मुझे टिकट बेच दी और उससे मैंने मैच देखा। इस टिकट की वास्तविक कीमत 295 पाउंड थी।

Posted By: Sanjay Savern

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