नई दिल्ली, जेएनएन। MS Dhoni की कप्तानी में भारत ने आइसीसी का तीसरा खिताब साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के तौर पर जीता था। इस टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर ये उपलब्धि अपने नाम की थी। बारिश की वजह से ये मुकाबला 20-20 ओवर का खेला गया था और इसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 130 रन बनाए थे। इस मैच में इंग्लैंड की टीम में जोनाथन ट्रॉट थे जो खतरनाक फॉर्म में थे और उनका विकेट भारत के लिए काफी अहम था। 

मैच की दूसरी पारी के छठे ओवर में धौनी ने आर अश्विन की गेंद पर ट्रॉट को स्टंप आउट कर दिया और भारत की जीत की नींव रखी। इस ओवर के बारे में आर अश्विन ने बताया कि आखिर वो किस तरह से मैच का रुख या फिर खिलाड़ी की अगली चाल को भांप जाते थे। अश्विन ने सुरेश रैना से इंस्टग्राम पर बात करते हुए बताया कि किस तरह से धौनी ने ट्रॉट को आउट करने का प्लॉट तैयार किया। 

अश्विन ने बताया कि ट्रॉट मेेरे पहले ही ओवर में आउट हो गए थे। जब मैं गेंदबाजी करने जा रहा था तब माही भाई मेरे पास आए और कहा कि इसे ओवर द विकेट गेंदबाजी मत करना। उसे राउंड द विकेट गेंदबाजी करना। जैसे ही वो लेग साइड में खेलेगा गेंद घूमेगी और वो स्टंप हो जाएगा। मुझे अभी तक ये बात समझ में नहीं आई कि उन्होंने ये कैसा बोला। उन्होंने कहा कि ये धौनी की महानता थी कि वो पहले ही काफी बातों को परख लेते थे और इसकी वजह से ही भारतीय क्रिकेट टीम को कई मैचों में जीत मिली। 

इस टूर्नामेंट के फाइनल में भारत को कमाल की जीत मिली थी। फाइनल मैच अंतिम ओवर तक खेला गया और काफी रोमांचक रहा था। इंग्लैंड की टीम ने मैच को अपने कंट्रोल में कर रखा था। इयोन मोर्गन और रवि बोपारा के बीच अच्छी साझेदारी हुई थी और ऐसा लग रहा था मैच भारत के हाथ से निकल जाएगा। दोनों बल्लेबाज सेट थे, तभी धौनी ने 18वां ओवर ईशांत शर्मा को दिया और उन्होंने इन दोनों सेट बल्लेबाजों का आउट कर दिया। इसके बाद मैच पलट गया और दवाब में इंग्लिश टीम बिखर गई और भारत को 5 रन से जीत मिली साथ ही भारत ने धौनी के अंडर में तीसरा आइसीसी खिताब भी जीता। 

Posted By: Sanjay Savern

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