नई दिल्ली, जेएनएन। कुछ ही दिन पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच तुषार अठोरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था या ये कहें कि उन्हें चुपचाप अपने पद छोड़ने के लिए कह दिया गया था। तुषार ने बाद ने बताया था कि कुछ सीनियर खिलाड़ी ने उनकी शिकायत बीसीसीआइ से की है।

इसके बाद लगातार सवाल उठ रहे थे कि क्या खिलाड़ी और कोच के बीच बढ़ते विवाद का कारण बीसीसीआइ का खिलाड़ियों को ज्यादा छूट देना तो नहीं लेकिन अब सीओए के प्रमुख विनोद रॉय ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कोच और खिलाड़ियों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है।

विनोद राय ने कहा कि कोच और विवाद के बीच विवाद तो गांगुली और चैपल के समय से चला आ रहा है इसलिए एसा कहना गलत है कि सीनियर खिलाड़ी का दबदबा बढ़ने की वजह से ये विवाद होते हैं। पिछले साल पुरुष टीम में भी कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के विवाद ने पूरे भारत को हिला दिया था।

कहा गया था कि कइ खिलाड़ी कुंबले की कोचिंग के तरीकों से खुश नहीं है। इसके बाद कुंबले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब इसके बाद महिला क्रिकेट में भी एसा ही विवाद देखने को मिला जब कइ खिलाड़ियों कोच तुषार अठोरे के ट्रेनिंग के तरीके से खुश नहीं थे। जिसके बाद हरमनप्रीत सहित कइ खिलाड़ियों ने उनकी शिकायत बीसीसीआइ से की।

क्या विनोद राय भूल गए चैपल विदेशी थे जबकि कुंबले-अठोरे देसी

 विनोद राय का ये बयान काफी बेतुका लग रहा है क्योंकि शायद उन्हें ये तक नहीं पता कि गांगुली चैपल के केस में विवाद देसी बनाम विदेशी कोच का था। जबकि अब जो विवाद हुए हैं उन दोनों में कोच और खिलाड़ी दोनों भारतीय है। विदेशी के लिए तो हम कह सकते हैं कि वह हमारे तौर तरीके नहीं जानता लेकिन देसी कोच को तो पता है ना कि किस तरह टीम को आगे बढ़ाना है।

अनिल कुंबले एक महान खिलाड़ी थे, वहीं अठोरे का कोचिंग की दुनिया में अच्छा खासा नाम है तो ये विवाद होना सवाल पैदा करता है। वहीं चैपल से तो पूरी टीम ने तौबा कर ली थी लेकिन इन दोनों भारतीय कोच की तो कइ खिलाड़ी खुले में तारीफ कर चुके हैं। इसलिए विनोद राय जिस पद पर बैठे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि वह क्या बोल रहे हैं और कितना सही बोल रहे हैं।

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Posted By: Lakshya Sharma