(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। सचिन रमेश तेंदुलकर जब मैदान पर खेल रहे हों तो विरोधी टीम का खिलाड़ी हो या उनकी खुद की टीम का, हर युवा खिलाड़ी क्रिकेट के भगवान के साथ मैदान पर मौजूद रहना ही सौभाग्य समझता है। लाहली में मुंबई और हरियाणा के बीच चल रहा रणजी मैच सचिन तेंदुलकर के स्वर्णिम घरेलू क्रिकेट करियर का आखिरी मैच है और अगर उनके आखिरी मैच में किसी ऐसे खिलाड़ी को उनके साथ बल्लेबाजी करने का मौका मिले, जो सचिन के डेब्यू के समय पैदा तक नहीं हुआ था, तो क्या कहेंगे आप..

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वह नाम है कौस्तुभ पवार का। कौस्तुभ का जन्म 13 सितंबर 1990 को हुआ था, जबकि सचिन तेंदुलकर उससे तकरीबन एक साल पहले 15 नवंबर 1989 को अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत कर चुके थे। कौस्तुभ के लिए यह एक गौरवपूर्ण बात ही होगी कि उन्हें मास्टर ब्लास्टर के घरेलू क्रिकेट करियर के आखिरी मैच में उनके साथ खेलने का मौका मिला। मुंबई का दूसरा विकेट जैसे ही गिरा, सचिन पिच पर आए और कौस्तुभ के साथ कुछ देर तक बल्लेबाजी की। कौस्तुभ (47) अपने अर्धशतक से महज तीन रनों से चूक गए लेकिन उन्होंने वो कुछ मिनट पिच पर जरूर बिता लिए जो उन्हें सदा के लिए याद रहेंगे। वहीं दूसरी ओर सचिन के लिए भी यह एक अद्भुत अहसास रहा होगा क्योंकि वो एक ऐसा लंबा स्वर्णिम सफर तय करके यहां तक आए हैं, जहां उनके सामने एक ऐसा युवा खिलाड़ी खेल रहा है जो उनके आगाज के समय दुनिया में आया तक नहीं था।

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