नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने खेल आयोजनों में स्पॉट फि¨क्सग और अवैध सट्टेबाजी पर लगाम लगाने वाले मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए अधिकतम पांच वर्षो के कारावास की सजा का भी विचार है। विधि मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श के बाद खेल मंत्रालय ने मसौदा खेल कदाचार निवारण विधेयक को तैयार किया है। इस विधेयक का मकसद देश में खेल को बेदाग बनाना है।

गृह मंत्रालय के अनुसार हमने अपनी मंजूरी के साथ खेल मंत्रालय को मसौदा विधेयक लौटा दिया है। खेल मंत्रालय के अब केबिनेट की मंजूरी के लिए नोट तैयार करने की उम्मीद है। इसके बाद ही इसे संसद में पेश किया जाएगा। इस बारे में अंतिम फैसला नई सरकार बनने के बाद लिया जाएगा। मसौदा विधेयक के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर परिणाम में हेरफेर करता है या ऐसा करने का प्रयास करता हो या खेल के नियमों का जानबूझ कर पालन नहीं करता हो तब परिणाम में कोई बदलाव आया हो या नहीं, उस व्यक्ति को खेल कदाचार का अपराधी माना जाएगा।

अधिकारी के अनुसार अगर कोई व्यक्ति जानबूझ कर अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करता हो तब उसे कदाचार माना जाएगा। हालांकि इससे खेल या टीम हित में रणनीतिक या नीतिगत कारणों से क्षमता से कम प्रदर्शन को अलग रखा गया है। अंदर की सूचना का खुलासा करना या खेल कदाचार या इसके प्रयास के बारे में जानकारी का खुलासा नहीं करने को कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। इसके लिए अधिकतम दंड पांच वर्ष का जेल और 10 लाख रुपए तक अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है।

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