बेंगलुरु, प्रेट्र। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बम धमाके के 14 आरोपितों में से तीन ने विशेष अदालत के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया। तीनों ही मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और दिल्ली में रह रहे थे। कोर्ट 9 जुलाई को सजा सुनाएगी। गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2010 को रायल चैलेंजर्स और मुंबई इंडियंस के बीच आइपीएल मैच के दौरान दो धमाके हुए थे। धमाके में पांच सुरक्षाकर्मियों सहित 15 लोग घायल हुए थे।

अभियोजन पक्ष के मददगार वकील डीएस सुधानवा ने बताया कि आरोपियों गौहर अजीज खोमानी, कमाल हसन और मोहम्मद कफील ने अपनी अर्जी खारिज होने के बाद हलफनामा देकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस पर कोर्ट ने बचाव पक्ष से पूछा कि क्या उन्होंने इन तीनों को जुर्म कबूल करने के परिणामों के बारे में बताया है। इसके बाद विशेष न्यायाधीश सिद्दालिंग प्रभु ने तीनों को अलग से अपने कमरे में बुलाया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने किसी दवाब में यह निर्णय लिया है।

जज का कदम अभूतपूर्व : अभियोजन
अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि यह अभूतपूर्व है कि आतंकी गतिविधियों का सामना कर रहे आरोपितों को कोई न्यायाधीश व्यक्तिगत रूप से अपने कक्ष में बुलाकर ऐसा करने के बारे में पूछता है।

यासीन भटकल है मुख्य आरोपी
धमाके का मुख्य अभियुक्त यासीन भटकल तिहाड़ जेल में बंद है। उसने अपना अपराध कबूल नहीं किया है। जबकि धमाके में नंबर दो आरोपी और इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने वाले मोहम्मद कातिल सिद्दीकी की यरवदा जेल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

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Posted By: Ravindra Pratap Sing