कोलकाता। राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा के खिलाफ सट्टेबाजी के आरोपों से परेशान बीसीसीआइ ने इस मसले पर चर्चा करने और जरूरी हुआ तो कार्रवाई करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली में कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई है। बीसीसीआइ की अंतरिम समिति के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अपनी नई टीम का एलान करते हुए साफ कर दिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी से लौटने पर भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी पर लग रहे 'हितों के टकराव' आरोप की जांच भी की जाएगी।

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डालमिया ने गुरुवार को बड़ौदा क्रिकेट संघ के संजय पटेल को बीसीसीआइ का नया सचिव बनाने की घोषणा की। उन्हें संजय जगदाले की जगह लाया गया है। वहीं, कोषाध्यक्ष को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि जांच आयोग में बीसीसीआइ का कोई सदस्य नहीं होगा तथा हाई कोर्ट के दोनों सेवानिवृत न्यायाधीश टी जयराम चौटा और आर बालसुब्रहमण्यम का दो सदस्यीय आयोग बीसीसीआइ प्रमुख एन श्रीनिवासन और उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करेगा। न्यायमूर्ति चौटा और बालासुब्रहमण्यम दोनों ही मूल पैनल के सदस्य थे। उसमें तीसरे सदस्य बीसीसीआइ के पूर्व सचिव संजय जगदाले थे। डालमिया ने कहा कि आयोग के लिए बीसीसीआइ के पास रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी क्योंकि, 'हम पूर्ण न्याय चाहते हैं और इसकी तह तक जाएंगे। हम संक्षिप्त जांच नहीं चाहेंगे।'

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डालमिया से जब धौनी के कथित हितों के टकराव मसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'बीसीसीआइ इस पर लीपापोती नहीं करेगा, बल्कि चैंपियंस ट्रॉफी समाप्त होने का इंतजार करेगा। अभी जब चैंपियंस ट्रॉफी चल रही है तो हम माहौल को नहीं बिगाड़ना चाहते हैं। लेकिन इसके साथ ही हम इस पर लीपापोती नहीं कर रहे हैं। कृपया इंतजार करें।

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डालमिया से पूछा गया कि क्या राजस्थान रॉयल्स को बर्खास्त किया जा सकता है क्योंकि उसके एक मालिक ने लीग को बदनाम किया है, उन्होंने कहा कि बोर्ड पर्याप्त सुबूत मिलने तक इंतजार करेगा। उन्होंने कहा, 'जब तक आपने मसले पर गौर हीं नहीं किया तब तक आप कैसे फैसले पर पहुंच सकते हो। हम कैसे निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। अभी इसकी शुरुआत हुई है। आपको इंतजार करना होगा।' बीसीसीआइ के नियमों के मुताबिक आइपीएल टीमों के मालिकों के संट्टेबाजी अथवा इस खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी कृत्य में शामिल पाए जाने पर उनकी टीम को दो से पांच साल तक के लिए निलंबित किया जा सकता है।

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क्या रत्नाकर शेटं्टी और अन्य बीसीसीआइ अधिकारियों को कोलकाता में बैठक के लिए बुलाया गया, इस सवाल पर डालमिया ने कहा, 'कई अन्य अधिकारी भी हैं जिनके साथ मुझे काम करना है। मैंने उन्हें मुंबई, दिल्ली और चेन्नई से बुलाया। मुझे पूरी जानकारी हासिल करनी है।' डालमिया से पूछा गया कि क्या विवादों के चलते बीसीसीआइ को आइपीएल बंद कर देना चाहिए, उन्होंने कहा, 'इस तरह का कोई विचार नहीं है।' उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सट्टेबाजी को वैध करने के मसले पर विचार किया जा सकता है।

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