नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) क्रिकेट की बहाली के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बीसीसीआइ खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और अन्य लोगों के लिए एक आइसोलेशन कैंप की शुरुआत करना चाहती है, जिसके लिए बोर्ड सेफ जोन की तलाश में जुटा हुआ है। बीसीसीआइ चाहती है कि कोई ऐसी सुरक्षित जगह सरकार से मिले, जहां दो महीने से घरों में बैठे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करने का मौका मिला।

बेंगलुरु की नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में ट्रेनिंग की सारी सुविधाएं जरूर हैं, लेकिन वहां कोरोना वायरस का काफी प्रकोप है। ऐसे में बोर्ड का विचार है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और अन्य लोगों को जिनमें कैटरिंग, सेक्यूरिटी और हाउसकीपिंग शामिल है उनके लिए एक क्वारंटाइन और सैनिटाइज वातावरण मिल सके। बीसीसीआइ अन्य वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार कर रही है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा 'सुरक्षित' माना जाएगा।

बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है, "खिलाड़ियों की सुरक्षा बोर्ड की प्राथमिकता है। हमें लॉजिस्टिक्स पर काम करना होगा और देखना होगा कि क्या बेंगलुरु सुरक्षित है। अगर चीजें बिल्कुल ठीक नहीं लगती हैं, तो हम देश के उन इलाकों की तलाश करेंगे, जो कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं। कैंप को सैनिटाइज किया जाएगा। सीनियर खिलाड़ियों के लिए स्थानीय स्टेडियम खोलने का भी एक विकल्प है।"

अधिकारी ने आगे कहा है, "खिलाड़ी, टीम प्रबंधन और क्रिकेट संचालन टीम हर मुद्दे से निपटने के लिए लगातार संपर्क में हैं।" कैंप के लिए सभी को चुना जाएगा, खिलाड़ियों से लेकर सामान्य कर्मचारियों तक को स्वास्थ्य संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी और कैंप एरिया से बाहर नहीं जाना होगा। हालांकि, चीजों की नज़र से, निकट भविष्य में कैंप का आयोजन कर पाना मुश्किल है। इसमें एक महीने से अधिक समय लग सकता है और यह 18 मई के बाद सरकार द्वारा दी गई छूट पर निर्भर करेगा।

Posted By: Vikash Gaur

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