नई दिल्ली। कोर्ट द्वारा 2013 आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बरी घोषित किए जाने के बावजूद बीसीसीआइ ने क्रिकेटर्स एस. श्रीसंथ और अंकित चव्हाण पर प्रतिबंध जारी रखने का निर्णय लिया है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी 36 लोगों को बरी कर दिया था। इसके बावजूद बीसीसीआइ की अनुशासनात्मक कमेटी ने इन क्रिकेटरों पर लगे प्रतिबंध को जारी रखने का निर्णय लिया है। बीसीसीआइ ने श्रीसंत और चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगाया है जबकि चंदिला के मामले में उसकी सुनवाई अभी जारी है।

इन तीनों क्रिकेटर्स को इस मामले में मई-जून 2013 में गिरफ्तार किया गया था। श्रीसंत और चव्हाण को एक महीने के अंदर जमानत मिल गई थी, जबकि चंदिला ने जेल में तीन महीने बिताए थे। बीसीसीआई ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि कोर्ट द्वारा इन खिलाड़ियों को बरी किए जाने के बावजूद उन पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा। बीसीसीआई आपराधिक प्रकरण में किसी बाहरी फैसले के कारण अपनी अनुशासनात्मक कमेटी द्वारा लिए गए फैसले को बदलने के लिए बाध्य नहीं है।

अब आगे क्या...

श्रीसंत और चव्हाण अपने प्रतिबंध के खिलाफ बीसीसीआइ में अपील कर सकते हैं।

प्रोसिक्यूशन इस फैसले के खिलाफ अपर कोर्ट में अपील कर सकता है।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से लोढ़ा कमेटी के फैसले के मद्देनजर इस केस की दोबारा जांच करने की अनुमति मांगी है। यदि अनुमति मिली तो दोबारा जांच होगी।

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Posted By: sanjay savern

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