राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने हितों के टकराव की स्थिति से बचने के लिए एटीके मोहन बगान के निदेशक पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को आइपीएल की नई टीम अहमदाबाद की नीलामी में टीम का मालिकाना हक हासिल करने वाली कंपनी को लेकर विवाद पर ये फैसला लिया।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सौरव ने पद से हटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि एटीके मोहन बगान आरपीएसजी वेंचर्स लिमिटेड के मालिकाना हक वाली फुटबाल टीम है, जिसने आइपीएल की लखनऊ फ्रेंचाइजी के लिए 7,090 करोड़ रुपये की रिकार्ड बोली लगाई थी। सौरव एटीके मोहन बगान के निदेशक होने के साथ-साथ इसमें शेयरधारक भी हैं। ऐसी रिपोर्ट आइ थी कि सीपीसी कैपिटल ने सट्टा और जुआ खेलने वाली कंपनियों में बड़ा निवेश किया है। इस स्थिति में ऐसी किसी कंपनी को जिसकी सट्टेबाजी और जुआ में दिलचस्पी है उसे नई टीम सौंपना बीसीसीआइ के लिए खतरे से खाली नहीं होगा।

IPL की इस नई टीम के मालिक पर गंभीर आरोप, रिपोर्ट में सट्टा लगाने वाली कंपनियों से संबंध की बात

सूत्रों ने बताया कि सौरव जब तक बीसीसीआइ अध्यक्ष बने रहेंगे, तब तक एटीके मोहन बगान में कोई पद नहीं संभालेंगे। आरपीएसजी के उपाध्यक्ष संजीव गोयनका से जब इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने इसका संकेत देते हुए कहा था-'मुझे लगता है कि सौरव एटीके मोहन बगान से पूरी तरह से हट जाएंगे।' गोयनका ने हालांकि यह भी कहा था कि इस बारे में सौरव ही घोषणा करेंगे।

गौलतलब है कि बीसीसीआइ अध्यक्ष पद संभालने के बाद आइपीएल फ्रेंचाइजी टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनको अपने सारे रिश्ते खत्म करने पड़े थे। हितों के टकराव का मामला सामने आने पर गांगुली ने टीम का मेंटोर पद छोड़ दिया था।

Edited By: Viplove Kumar