जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। क्रिकेट के चमकते चेहरों से नकाब उतर गया। क्रिकेट को कलंकित करने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स बैक टू पवेलियन हो गए हैैं, तो इन टीमों के कर्ताधर्ता गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा क्रिकेट के लिए अनफिट करार दे दिए गए।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने मंगलवार को चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) पर दो साल की रोक लगा दी है। साथ ही, सïट्टेबाजी में दोषी पाए गए मयप्पन और राज कुंद्रा पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है।

लोढ़ा समिति ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुसरण करते हुए क्रिकेट नियमों में कदाचार और भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा सुनाई है। समिति की रिपोर्ट से महेंद्र सिंह धौनी की टीम सीएसके और शिल्पा शेट्टी की राजस्थान रॉयल्स शर्मसार हुई हैं।

60 लाख खो चुका था मयप्पन :
जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि मयप्पन अपनी टीम पर ही नियमित बड़ा सट्टा लगाता था। वह सट्टे में 60 लाख रुपये गंवा चुका था। यह मानना मुश्किल है कि उसे क्रिकेट का जुनून था। 40 साल का मयप्पन युवा नहीं, बल्कि प्रौढ़ है। सट्टेबाजी को लेकर उसकी प्रतिष्ठा खराब भले हुई हो, लेकिन यदि खेल की प्रतिष्ठा खत्म हुई तो शेष क्या रह जाएगा? उसके कृृत्य से क्रिकेट, आइपीएल व बीसीसीआइ की प्रतिष्ठा खराब हुई है। इसी तरह की टिप्पणी कोर्ट ने राज कुंद्रा को लेकर भी की है।

किस पर क्या कार्रवाई :
गुरुनाथ मयप्पन : सीएसके के प्रमुख व बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद।
सजा : भ्रष्टाचार रोधी संहिता की धारा 2.2.1 के तहत दो वर्ष, धारा 7.5 के तहत उम्र भर, धारा 6, नियम 4.2 के तहत क्रिकेट के किसी भी तरह के मैच में शामिल होने पर आजीवन प्रतिबंध।
राज कुंद्रा : राजस्थान रॉयल्स के सहमालिक, ब्रिटिश व्यवसायी और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति।
सजा : मयप्पन की तरह उक्त सभी धाराओं में क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित।

जनवरी में बनी थी समिति :
सुप्रीम कोर्ट ने आइपीएल की दोनों दागदार टीमों व उनके प्रमुखों की सजा तय करने के लिए जनवरी में जस्टिस लोढ़ा की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। सïिमति में जस्टिस अशोक चंद्रभान व जस्टिस आर रवींद्रन सदस्य थे।

मुद्गल समिति ने माना था दोषी :
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस मुकुल मुद्गल की समिति ने इन टीमों व उनके मालिकों को दोषी ठहराया था।

क्रिकेट को बदनाम किया :
'इंडिया सीमेंट्स की दलील थी कि उसने क्रिकेट के प्रोत्साहन के लिए काफी किया है, लेकिन सट्टेबाजी के दोषी माने गए मयप्पन को दंडित नहीं करने से उसका यह दावा धूमिल हो गया। जयपुर आइपीएल का भी दावा है कि वह खिलाडिय़ों की पौध तैयार करती है, लेकिन उसके तीन खिलाड़ी मैच स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए गए हैं। इससे साबित होता है कि इनमें सब ठीक नहीं चल रहा था।

टीमों पर कार्रवाई क्यों?
आइपीएल टीमों सीएसके और आरआर पर कार्रवाई जानकारी छिपाने और वक्त रहते कदम नहीं उठाने के लिए की गई है।

सुंदर रमन पर आगे जांच जारी
आइपीएल के पूर्व सीओओ सुंदर रमन पर कार्रवाई के बारे में पूछने पर जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि उनके मामले की जांच जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गौर करने के लिए विवेक प्रियदर्शी को नियुक्त किया है और वह इसकी जांच कर रहे हैं। हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। सुंदर रमन को भी आइपीएल में गलत काम का दोषी माना गया था।

श्रीनि पर फैसला अभी नहीं :
समिति ने बीसीसीआइ प्रमुख रहते हुए श्रीनिवासन द्वारा सीएसके में हिस्सेदारी को लेकर उठे हितों के टकराव के चर्चित केस पर कहा कि इसका फैसला खेल से जुड़े विभिन्न हितधारकों से बात करने के बाद दिया जाएगा।

क्या है मामला?
दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने 16 मई, 2013 को आइपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का भंडाफोड़ किया था। राजस्थान रॉयल्स के एस श्रीसंत, अंकित चह्वान, अजित चंदीला तथा श्रीसंत के दोस्त और सट्टेबाज जीजू जनार्दन समेत 10 अन्य को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि इस गोरखधंधे में मयप्पन भी राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा के साथ शामिल था। धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में मयप्पन को 24 मई को गिरफ्तार कर लिया गया।

बीसीसीआइ के लिए बनेंगे दिशानिर्देश
नई दिल्ली : दुनिया की सबसे धनवान संस्था बीसीसीआइ में व्याप्त खामियों को दूर करने और प्रशासनिक सुधार लाने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैैं। प्रशासनिक सुधार का यह खाका भी जस्टिस लोढ़ा समिति तैयार कर रही है। इसके लिए न सिर्फ क्रिकेट से जुड़े राजनेताओं की राय ली जाएगी, बल्कि अन्य वर्गों जैसे खिलाडिय़ों, खेल पत्रकारों आदि से भी मशविरा किया जाएगा। जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि इस पर काम चल रहा है। समिति अभी तक इस सिलसिले में 42 लोगों से मिल चुकी है। उन्होंने साफ किया कि अभी कदाचार के दोषियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत दंड दिया गया है। इसका आपराधिक पहलू से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि वह पहलू उनके पास विचार के लिए नहीं था। आपराधिक पहलू के बारे में कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

इंडिया सीमेंट्स के शेयर में गिरावट
नई दिल्ली : आइपीएल में सïट्टेबाजी को लेकर मंगलवार को आए जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति के फैसले का असर चेन्नई सुपरकिंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी इंडिया सीमेंट्स के शेयर पर भी पड़ा है। फैसला आने के बाद इंडिया सीमेंट्स के शेयर में छह फीसद की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के शेयर पर इसका असर ज्यादा दिनों नहीं रहेगा।

अदालत का दरवाजा खटखटाएगा इंडिया सीमेंट्स
नई दिल्ली : इंडिया सीमेंट्स ने आइपीएल में अपनी फ्रेंचाइजी टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी जस्टिस लोढ़ा समिति के फैसले पर चर्चा के बाद राहत के लिए शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल करेगी।

कई त्रुटियां, फैसले की एक प्रति मांगी है। निश्चित तौर पर स्तब्ध और निराश हूं।

- राज कुंद्रा (राजस्थान रॉयल्स के पूर्व सह मालिक)

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