अभिषेक त्रिपाठी, साउथैंप्टन। जब कोई गेंदबाज, जादूगर बन जाए तो सामने वाले का सब कुछ लुटना तय है... कुछ ऐसा ही कानपुर के छोरे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने रविवार को पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के साथ किया। उन्होंने जिस ‘ड्रीम बॉल’ पर बाबर आजम को बोल्ड किया उसने पूरी दुनिया को दीवाना बना दिया है। हालांकि, उनके कोच कपिल देव पांडे ने कहा कि उनका शिष्य हजारों बार यह गेंद कर चुका है और ऐसी ही गेंद पर उसने धर्मशाला में अपने पहले टेस्ट मैच में पीटर हैंड्सकोंब को आउट किया था।

पाकिस्तान के खिलाफ बेहद अहम मुकाबले में भारत ने डकवर्थ-लुइस नियम के तहत 89 रनों से जीत दर्ज की थी। उस मैच में रोहित शर्मा ने शतक लगाया था और भारत ने पाकिस्तान को 337 का लक्ष्य दिया। एक समय फखर जमां और बाबर आजम की साझेदारी भारत के लिए खतरा बन रही थी, जिसे कुलदीप ने तोड़ा।

कुलदीप के कोच कपिल देव पांडे ने दैनिक जागरण से कहा कि वह ड्रिफ्ट गेंद थी, चाइनामैन गेंद नहीं थी। कुलदीप ने उसे थोड़ा फ्लाइट किया था, जो ड्रिफ्ट होकर विकेट पर गई। इसके लिए आपको बॉर्डी कोआर्डिनेशन की जरूरत होती है। उसे वहां हवा का भी अच्छा सहयोग मिला। इस पूरे संयोजन ने उस गेंद को शानदार बना दिया। हवा से गेंद अंदर की तरफ आई। जब उनसे पूछा गया कि आपने उन्हें कितनी बार यह गेंद करते हुए देखा है तो उन्होंने कहा कि कुलदीप ने हजारों बार यह गेंद फेंकी हैं। हम नेट पर उस गेंद के लिए घंटो अभ्यास करते थे। इस गेंद को फेंकने के लिए कुलदीप राउंड द विकेट अभ्यास करते हैं। आपको याद होगा कि धर्मशाला में पहले टेस्ट में कुलदीप ने इसी गेंद पर हैंड्सकांब को आउट किया था।

कुलदीप ने इस गेंद के बारे में कहा कि बारिश से मिले ब्रेक के बाद मैं पवेलियन गया और मैंने वह गेंद देखी। गेंद ड्रिफ्ट हुई थी और फिर टर्न ले गई थी। हर स्पिनर इस गेंद को पसंद करेगा। यह एक शानदार ड्रीम डिलिवरी और टेस्ट मैच की गेंद थी। मैंनें बल्लेबाज को हवा में छकाया और उसे गलती करने को मजबूर किया। कुलदीप ने एशिया कप में भी बाबर आजम को आउट किया था। कप्तान विराट कोहली ने भी कुलदीप की तारीफ करते हुए कहा था कि बाबर को जिस गेंद पर कुलदीप ने बोल्ड किया वह बेहतरीन गेंद थी। उसमें ड्रिफ्ट था, टर्न था। इंग्लैंड में आकर वह अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।

दायें हाथ के बल्लेबाज को होती है मुश्किल

इस गेंद के सामने दायें हाथ के बल्लेबाज को होने वाली मुश्किल के बारे में पूछने पर कपिल ने कहा कि दायें हाथ से खेलने वाले बाबर इस गेंद को समझ ही नहीं पाए। वह सोच रहे थे कि यह गेंद गुगली होगी या बाहर की ओर निकलेगी या ज्यादा स्पिन नहीं होगी। वह खड़े ही रह गए। वह गेंद को पढ़ नहीं सके। कुलदीप जब गेंद को हवा में फ्लाइट करते हैं तो बल्लेबाज के लिए असमंजसस की स्थिति रहती है कि वह खेले कि रोके, इसीलिए हर स्पिनर के लिए गेंद को फ्लाइट करना बहुत जरूरी है।

आसान नहीं है यह गेंद फेंकना

जब कपिल से पूछा गया कि यह गेंद फेंकना कितना मुश्किल है तो उन्होंने कहा कि इसके लिए बहुत अभ्यास की जरूरत होती है। इसके लिए आपको अपना वजन ट्रांसफर करना होता है। इसमें लेंथ और फ्लाइट के साथ बदलाव करना होता है। लूप के साथ गेंद फेंकने से फायदा मिलता है। दुनिया में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दो स्पिनर शेन वार्न और मुरलीधरन ने हमेशा हवा में ज्यादा देर तक गेंद फेंकी। वे फ्लाइट करते थे और गेंद को अपनी तरफ खींचते थे। आप अगर ध्यान से देखें तो वार्न अपने शुरुआती दौर में रन खाते थे, लेकिन बाद में वह महान गेंदबाज बने। कुलदीप से वार्न की तुलना पर उन्होंने कहा कि दोनों की तुलना नहीं करनी चाहिए।

मेरा सपना पूरा किया

मेरा सपना था कि कुलदीप इस तरह से अंतरराष्ट्रीय मैच में किसी बल्लेबाज को बोल्ड करे। उसने नेट पर और जूनियर मुकाबलों में कई बार ऐसा किया था और कई खिलाड़ियों को बोल्ड मारा था। उसने 2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जब हैंड्सकोंब को बोल्ड किया तो हमारे यहां अभ्यास करने वाले एक बच्चे रिषभ ने उससे कहा कि तुमने सर का सपना पूरा कर दिया। पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले विश्व कप के दो मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने पर दबाव में होने के सवाल पर कुलदीप ने कहा कि यह दबाव वाला मैच था। मैंने उससे कहा था कि छोटे मैच में विकेट लोगे तो कोई नहीं पूछेगा, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मैच में करोगे तो सब पूछेंगे। उसने वैसे ही किया। उसने पाकिस्तान के खिलाफ बहुत शांतचित्त होकर चढ़कर गेंदबाजी की। मैंने उससे कहा है कि थोड़ी सी गुगली और बढ़ाओ। वह पाकिस्तान के खिलाफ मैच में चार- पांच और गुगली फेंक सकता था।

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुलदीप के रिदम खोने के सवाल पर कपिल ने कहा कि उसने विश्व कप में कभी भी रिदम नहीं खोया था। मैंने उससे कहा कि जिस बल्लेबाजी विकेट पर एडम जांपा ने छह ओवर में 50 रन दिए वहां आपने नौ ओवर फेंके और 55 रन दिए। भारतीय प्रशंसकों की अपेक्षाएं होती हैं कि गेंदबाज को दो-तीन विकेट मिले। कुलदीप पर अपेक्षाओं का बोझ होता है। विश्व कप में कुलदीप को खेलते हुए देखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब वह कहेगा तो मैं आऊंगा।

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Posted By: Sanjay Pokhriyal

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