मुंबई, पीटीआइ। साल 2013 के आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में फंसने वाले क्रिकेट अंकित चव्हाण (Ankeet Chavan) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से गुजारिश की है कि उनका आजीवन प्रतिबंध भी सात साल कर दिया जाए। इसी स्पॉट फिक्सिंग में फंसे भारतीय टीम के तेज गेंदबाज श्रीसंत के लाइफ टाइम बैन को कम करके बीसीसीआइ ने सात साल कर दिया है।

2013 में बीसीसीआइ की अनुशासनात्मक समिति ने राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला को आइपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था। इस वजह से उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन 2015 में दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने इस तिकड़ी के खिलाफ सभी आरोपों को हटा दिया और पिछले साल बीसीसीआइ के लोकपाल डीके जैन ने श्रीसंत पर लगे प्रतिबंध को सात साल के लिए कम कर दिया।

अब श्रीसंत को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करते हुए देखा जा सकता है। इसी के साथ 34 वर्षीय चव्हाण ने बीसीसीआइ और उनके राज्य निकाय एमसीए को एक ईमेल भी भेजा है। इस पत्र में अंकित चव्हाण ने प्रतिबंध को सात साल तक कम करने का अनुरोध किया है, ताकि वह जल्द से जल्द खेल सकें। चव्हाण ने कहा है, "मैं बीसीसीआइ से इसी तरह की अपील कर रहा हूं, अगर श्रीसंत के प्रतिबंध पर पुनर्विचार किया जाता है, तो कृपया मेरे प्रतिबंध पर भी पुनर्विचार करें।"

अंकित चव्हाण ने कहा है, "मुझे बीसीसीआइ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसलिए मुझे अपनी मूल निकाय को भी लिखना पड़ा, जो कि एमसीए है। इसलिए मैंने उसी तर्ज पर लिखा है। मैं एसोसिएशन से अपने मामले को बीसीसीआइ के आगे ले जाने का अनुरोध करता हूं, ताकि मेरे प्रतिबंध पर पुनर्विचार किया जा सके।" यह पता चला है कि चव्हाण ने 22 जून को एमसीए को लिखा और एमसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की कि क्रिकेट निकाय को उनका पत्र मिला है।

Posted By: Vikash Gaur

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