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नई दिल्ली। टीम इंडिया के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी अपनी अलग सोच के लिए मशहूर है। उन्हें मैदान में कुछ न कुछ नया प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टी-20 मैच में भी कुछ अलग ही देखने को मिला।

धौनी ने जिस तरह का प्रयोग किया उससे अब ऐसा लगने होने लगा है कि भारतीय टीम दो गुटों में बंटती जा रही है। पहले टी-20 मैच में धौनी ने फॉर्म में चल रहे अजिंक्य रहाणे, हरभजन सिंह, अमित मिश्रा और स्टुअर्ट बिन्नी को मौका नहीं दिया। यह सभी खिलाड़ी विराट कोहली के करीबी हैं। मगर धौनी की पसंद वो नहीं जो विराट की है। नतीजतन भारत को पहले टी-20 में दक्षिण अफ्रीका के हाथों तीन विकेट की करारी शिकस्त झेलना पड़ी।

धौनी के इस फैसले से कईयों को हैरानी हुई होगी, लेकिन यही उनका अंदाज है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि टीम इंडिया के अंदर हो रही राजनीति की वजह से रहाणे और हरभजन सिंह को मौका नहीं दिया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रहाणे जबरदस्त फॉर्म में हैं। हाल ही में हुए श्रीलंका दौरे पर रहाणे ने दो शतक लगाए थे। उससे पहले उन्होनें जिम्बाब्वे दौरे पर टीम की कप्तानी भी की थी।

बांग्लादेश दौरे पर जब टीम इंडिया बांग्लादेश से वन-डे सीरीज हारी थी तब धौनी ने रहाणे के बारे में कहा था कि वो स्ट्राइक रोटेट करने में समय लेते हैं। धौनी के इस बयान पर बाद में रहाणे ने कहा था- धौनी भाई ने मुझे फीडबैक दिया है और मैं इसे सकारात्मक रूप में लूंगा और उससे आगे बढ़ चुका हूं।

विराट कोहली की टीम में जगह पाने वाले हरभजन सिंह धौनी की टीम में कहीं न कहीं फिट नहीं बैठते हैं। यही कारण है कि धौनी ने हरभजन को वो तवज्जो नहीं दिया है जो विराट की टीम में उन्हें मिलता है। हालांकि टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री का कहना है कि धौनी ने मैच के लिए अपनी बेस्ट टीम उतारी है और टीम में किसी तरह की राजनीति नहीं हो रही है।

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Posted By: sanjay savern

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