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अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। टीम इंडिया के कुछ वर्तमान और पूर्व क्रिकेटर जितनी तल्लीनता से यह चाहते थे कि कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की जुगलजोड़ी टूट जाए तो उसी तरह सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय और विराट यह चाहते थे कि शास्त्री ही मुख्य कोच बने रहें। हुआ भी वही जो विराट चाहते थे। वेस्टइंडीज रवाना होने से पहले भारतीय कप्तान ने अपनी चाहत का इजहार भी कर दिया था और सीओए द्वारा नियुक्त कपिल देव की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने उनकी चाहत को पूरा भी कर दिया।

पिछली बार सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर वाली सीएसी ने एक समय वीरेंद्र सहवाग को टीम इंडिया का कोच लगभग नियुक्त ही कर दिया था लेकिन विराट के अड़ने और सीओए प्रमुख के बीच में पड़ने के बाद रवि शास्त्री को अनिल कुंबले की जगह मुख्य कोच की कुर्सी मिली थी। इस बार कुछ इस तरह के हालात बनाए गए कि शास्त्री के प्रखर विरोधी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली सहित लक्ष्मण और सचिन को सीएसी से हटना पड़ा। इसके बाद ही तय हो गया था कि भारतीय कोच का चयन लगभग खानापूरी साबित होगा जिसमें आखिरी में ताज शास्त्री के सिर पर सजेगा।

विराट की राह आसान : शास्त्री के फिर से कोच बनने से सबसे ज्यादा सुकून विराट को मिलेगा क्योंकि लगातार रोहित शर्मा को वनडे और टी-20 टीम का कप्तान बनाए जाने का दबाव अब कम हो जाएगा। सबको पता है कि शास्त्री ऐसा कभी नहीं होने देंगे। जब भी इस तरह की बात सामने आएगी तो वह विराट के साथ डटकर खड़े होंगे। इसी के साथ टीम के अंदर विराट का विरोध भी कुछ हद तक कम हो जाएगा। 2017 में इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अनिल कुंबले ने मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे दिया था और शास्त्री को कोच बनाया गया था। इसके बाद से टीम में इन दोनों की ही चलती है। ये दो जो फैसले करते हैं वह टीम में लागू होते हैं। फिलहाल यह आगे भी चलता रहेगा।

आइसीसी खिताब दिलाने की चाहत : जहां कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धौनी ने आइसीसी की हर ट्रॉफी अपने नाम की है तो वहीं विराट कोहली कप्तान के तौर पर एक भी आइसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। उनकी कप्तानी में 2017 आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम पाकिस्तान से हारी तो इस साल इंग्लैंड में हुए विश्व कप के सेमीफाइनल में टीम को न्यूजीलैंड से पराजय का सामना करना पड़ा। विराट किसी भी तरह कम से कम एक आइसीसी ट्रॉफी जरूर अपने नाम करना चाहते हैं। शास्त्री के फिर से कोच बनने के बाद वह इस दिशा में आगे बढ़ना चाहेंगे। उनके पास 2020 में ऑस्ट्रेलिया और उसके अगले ही साल भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप में दो मौके हैं। अगर यह जुगलजोड़ी इनमें से एक भी खिताब हासिल करने में कामयाब रहती है तो उनके लिए ही नहीं भारतीय क्रिकेट के लिए भी अच्छा होगा।

जाने टीम इंडिया के कोच की दौड़ में शामिल रहे शीर्ष तीन दावेदारों को

नाम : रवि शास्त्री

उम्र : 57 साल

करियर : भारत के लिए 80 टेस्ट व 150 वनडे मैच खेले

अनुभव :

-2014 से 2016 के दौरान टीम इंडिया के निदेशक रहे

-2017 में अनिल कुंबले के हटने के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच बने

शास्त्री की उपलब्धि-

- 2015 में शास्त्री के टीम निदेशक रहते भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड की मेजबानी में हुए वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंची

- 2018 में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज 5-1 से जीती। यह भारत की दक्षिण अफ्रीका में पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत थी

- 2018 में भारतीय टीम ने यूएई की मेजबानी में एशिया कप जीता। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, हांगकांग, पाकिस्तान व श्रीलंका की टीमों ने भी भाग लिया था

-2018 में भारत ने श्रीलंका में हुई निदहास टी-20 त्रिकोणीय सीरीज जीत, जिसमें तीसरी टीम बांग्लादेश की थी

- 2019 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में वनडे व टेस्ट सीरीज जीतीं। ये ऑस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय टीम की पहली द्विपक्षीय वनडे व टेस्ट सीरीज जीत थीं

- 2019 में टीम इंडिया इंग्लैंड में हुए वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची

- 2017 से 2019 के दौरान भारत ने घरेलू द्विपक्षीय वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया (4-1), न्यूजीलैंड (2-1), श्रीलंका (2-1) व वेस्टइंडीज (3-1) को हराया। इस दौरान भारत ने वेस्टइंडीज (2-0), श्रीलंका (5-0) व न्यूजीलैंड (4-1) को वनडे सीरीज में उनकी सरजमीं पर भी हराया

-2017 से 2019 के दौरान भारत ने श्रीलंका को अपने (3-0), और उसके घर (1-0), में लगातार दो टेस्ट सीरीज में हराया। इसके अलावा भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज में अफगानिस्तान (1-0), वेस्टइंडीज (2-0) और ऑस्ट्रेलिया (2-1) को भी शिकस्त दी

शास्त्री ने इनको पछाड़ा

नाम : माइक हेसन

उम्र : 44 साल

अनुभव व उपलब्धि:

-2011 विश्व कप के बाद हेसन को पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टीम का कोच बनने का मौका मिला। तब वह दो साल के लिए केन्या के कोच बने, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते इस करार को बीच में ही तोड़

-2012 में जॉन राइट की जगह हेसन को न्यूजीलैंड की टीम का कोच बनाया गया। 2015 में उनकी कोचिंग में कीवी टीम वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। इसके बावजूद उनका करार 2019 विश्व कप तक के लिए बढ़ा दिया गया, लेकिन जून 2018 में ही उन्होंने परिवार के साथ अधिक समय बिताने की वजह बताते हुए करार तोड़ दिया। वह सबसे लंबे समय तक कीवी टीम के कोच रहे। हेसन आइपीएल फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब के भी कोच रहे, लेकिन इस साल आठ अगस्त को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया

नाम : टॉम मूडी

उम्र : 53 साल

करियर : ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ टेस्ट व 76 वनडे मैच खेले

अनुभव व उपलब्धि :ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज टॉम मूडी के पास 14 साल से ज्यादा का कोचिंग अनुभव है। 2005 में मूडी को श्रीलंका का मुख्य कोच बनाया गया और उनके मार्गदर्शन में श्रीलंकाई टीम 2007 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंची। 2007 में उन्हें वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने तीन साल के लिए मैनेजर व कोच बनाया। 2017 में मूडी को पीएसएल के 2018 सत्र के लिए मुल्तान सुल्तांस का मुख्य कोच बनाया गया।

मूडी ने आइपीएल के पहले सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम को कोचिंग दी। वह आइपीएल में छह सत्रों तक सनराइजर्स हैदराबाद के कोच रहे। इस दौरान सनराइजर्स ने एक बार 2016 में खिताब जीता और पांच बार प्लेऑफ में पहुंची। वह कैरेबियाई प्रीमियर लीग (सीपीएल) के लिए अंतरराष्ट्रीय निदेशक और बिग बैश लीग (बीबीएल) में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए क्रिकेट निदेशक रह चुके हैं। 2019 में उन्हें ग्लोबन टी-20 कनाडा टूर्नामेंट के लिए मांट्रियल टाइगर्स फ्रेंचाइजी टीम का कोच बनाया गया।

Posted By: Sanjay Savern

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