नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में अब तक विराट से ज्यादा छक्के लगाने वाले अफगानिस्तान के विकेटकीपर-बल्लेबाज मो. शहजाद पर आइसीसी ने एक वर्ष का बैन लगा दिया है। शहजाद डोप टेस्ट में फेल रहे थे और इसके बाद आइसीसी ने उन पर ये कार्रवाई की। अब वो एक वर्ष तक किसी भी तरह का क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। आइसीसी की एंटी डोपिंग कोड की धारा 2.1 के तहत उन पर ये कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि विराट ने अब तक अपने करियर में 55 टी20 मैचों में 40 जबकि शहजात ने 58 टी20 मैचों में कुल 66 छक्के लगाए हैं। 

मो. शहजाद ने दुबई में 17 जनवरी 2017 को आइसीसी को अपना यूरिन सैंपल दिया था। सैंपल की जांच के बाद उसमें वो तत्व (क्लेनबूटेरॉल) पाए गए जो वाडा की लिस्ट में बैन है। आइसीसी के मुताबिक इस पदार्थ को खेल के दौरान या फिर खेल के बाद लेने पर बैन है। शहजाद पर जो बैन लगाया गया है वो 17 जनवरी 2017 से लागू है जिस दिन उन्होंने अपना सैंपल दिया था। उनका ये बैन 17 जनवरी 2018 तक जारी रहेगा और इसके बाद वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। आइसीसी ने स्वीकार किया कि मो. शहजाद ने प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था।  उन्होंने अपने वजन को कम करने के लिए जिस पदार्थ (हाइड्रेक्सिकट) का इस्तेमाल किया था उनमें ही वो पाया गया था।  

मो. शहजाद आइसीसी को ये बताने में सफल रहे थे कि उन्होंने जानबूझकर किसी ऐसे पदार्थ का सेवन किया है जिस पर बैन लगा हुआ है। उन्होंने अपने कागजात के जरिए ये साबित कर दिया था कि अपने वजन को कम करने के लिए उन्होंने जिस दवाई का सेवन किया था उसी में क्लेनब्यूटेरॉल था। शहजाद ने अपनी गलती भी मानी लेकिन आइसीसी की तरफ से जो फैसला लिया गया उससे साबित होता है कि ऐसे मामलों को क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था कितनी गंभीरता से लेती है। आइसीसी के इस फैसले ने दुनिया भर के क्रिकेटर्स को ये संदेश दिया है कि वो ख्याल रखें कि अगर वो कोई दवाई ले रहे हैं या कुछ भी खा-पी रहे हैं तो उसमें कोई ऐसा पदार्थ ना हो जिससे वो डोपिंग में फेल हो जाएं। इसका ख्याल रखना क्रिकेटर्स की खुद की जिम्मेदारी है। 

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Posted By: Sanjay Savern