सुनील गावस्कर

टी-20 सीरीज खत्म हो चुकी है और दोनों टीमों का प्रदर्शन देखकर आगे की झलक देखने को मिल गई है। मैच के दौरान अतिरिक्त 30 ओवर काफी अंतर पैदा करेंगे क्योंकि इससे दोनों ही टीमों को गेंदबाजी और बल्लेबाजी में मुश्किल समय से वापसी करने का मौका मिलेगा। इंग्लैंड ने इस सीरीज से पहले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ व्हाइटवाश किया है। ऑस्ट्रेलिया की टीम अभी पूरी मजबूत नहीं दिख रही है और खासतौर से उनकी गेंदबाजी काफी कमजोर है, लेकिन जिस ढंग से जोस बटलर ने अंतिम दो बल्लेबाजों के साथ मिलकर 90 के करीब रन बनाकर टीम को जीत दिलाई, उससे इंग्लिश टीम के जज्बे का पता चलता है। अगले साल इंग्लैंड में ही विश्व कप होना है और इसलिए इस सीरीज को भारत के लिए विश्व कप का रिहर्सल माना जा रहा है।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड टीम बिना संघर्ष किए ही हथियार डाल देती थी, लेकिन इयोन मोर्गन के नेतृत्व में ऐसा नहीं है। यह टीम जल्दी से हार नहीं मानती है। उनकी बल्लेबाजी काफी अच्छी है। टी-20 में हमें यह देखने को मिल ही गया और उनकी फील्डिंग शीर्ष स्तर की है। उनका गेंदबाजी संयोजन अभी सही नहीं बैठा है, लेकिन यह समस्या तो हर कप्तान और कोच के साथ है। भारत भी इस पर विचार कर रहा होगा कि वह चहल और कुलदीप को शामिल करे या सिर्फ एक स्पिनर के साथ उतरे। अगर मौसम साफ रहता है तो सूखी पिच पर स्पिनर के लिए गेंद को टर्न कराने के मौके ज्यादा रहेंगे।

बल्लेबाजी में सिर्फ चिंता शिखर धवन को लेकर है, जो टी-20 सीरीज में ज्यादा रन नहीं बना पाए, लेकिन 50 ओवरों के प्रारूप में वह अच्छा करते हैं और नॉटिंघम की पिच पर उन्हें बड़ी पारी खेलनी चाहिए। आखिरी टी-20 में शतक जड़कर रोहित शर्मा ने भी अपने हाथ खोल लिए हैं और वनडे में तो रिकॉर्ड बनाने में उन्हें मजा आता है। कोहली और राहुल भी अच्छी फॉर्म में हैं, ऐसे में हार्दिक पांड्या और धौनी के लिए बल्लेबाजी के लिए बहुत ज्यादा ओवर नहीं बचेंगे।

बुमराह की कमी टीम को खलेगी क्योंकि भुवनेश्वर के साथ उनकी जोड़ी अच्छी जमती है, खासतौर से अंतिम ओवरों में। ब्रिस्टल में पांड्या ने चार विकेट लिए। वनडे सीरीज में भी वह बल्ले और गेंद दोनों से अहम साबित होंगे। भारतीय टीम अच्छी लय में है, लेकिन मेजबान टीम भी अच्छी फॉर्म में है। ऐसे में विजेता की भविष्यवाणी करना मुश्किल होगा। अगर मैच आखिरी ओवर तक खिंचता है, तो दर्शकों को कोई शिकायत नहीं होगी।

नंबर गेम

-2019 में इंग्लैंड में ही विश्व कप होना है। विराट एंड कंपनी को हालात आजमाने का सुनहरा मौका मिला है। -2015 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड ने 69 में से 46 वनडे मैच जीते हैं। उसे द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने जनवरी 2017 में हराया था

-04 नंबर पर बल्लेबाजी करने कप्तान विराट कोहली उतर सकते हैं। अच्छी फॉर्म में चल रहे राहुल को तीसरे नंबर पर मौका दिया जा सकता है

संभावित टीमें :

भारत- विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, केएल राहुल, एमएस धौनी, दिनेश कार्तिक, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, श्रेयस अय्यर, सिद्धार्थ कौल, अक्षर पटेल, उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर, भुवनेश्वर कुमार।

इंग्लैंड- इयोन मॉर्गन (कप्तान), जेसन राय, जानी बेयरस्टॉ, जोस बटलर, मोइन अली, जो रूट, जैक बाल, टॉम कुरन, एलेक्स हेल्स, लियाम प्लंकेट, बेन स्टोक्स, आदिल रशीद, डेविड विली, मार्क वुड।

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By Ravindra Pratap Sing