(वीवीएस लक्ष्मण का कॉलम)

टेंट ब्रिज में मिली जीत भारतीय टेस्ट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी वापसी जीत कही जा सकती है। लॉर्ड्स में 0-2 से पिछड़ने के बाद, भारतीय टीम ने ना सिर्फ अपने कौशल दिखाया, बल्कि अपने पलटवार और संकल्प से प्रशंसा भी वापस पाई।

इस वजह से जीता भारत

भारतीय टीम शुरुआत से ही इंग्लैंड पर हावी रही और जिससे सीरीज अभी भी पूरी तरह से खुली है। यह परिणाम भारतीय बल्लेबाजों के सुधार की वजह से आया है। शिखर धवन और केएल राहुल ने जरूर बड़े रन नहीं बनाए, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में 50 से ज्यादा रन की साझेदारी की। उन्होंने बेहद ही सकारात्मक होकर बल्लेबाजी की। अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा ने क्रीज पर अच्छा समय बिताया, जो एक अच्छा बदलाव है, क्योंकि जब आप विदेश में खेल रहे होते हैं तो आपको आत्मविश्वास और खुद की काबिलियत पर विश्वास रखना होता है।

कोहली फिर रहे सबसे आगे

इस पर कोई बहस नहीं होने चाहिए कि बल्लेबाजी में आधार कौन रहा और एक बार दोबारा कप्तान ने निराश नहीं किया। विराट ने इस सीरीज में एक टेस्ट में दूसरी बार 200 रन बनाए और वह यहां दूसरी पारी में खेली गई अपनी 103 रन की पारी से खुश होंगे। यह एक बेहद ही अनुशासन से भरी पारी रही। वो भी सीरीज की छठी पारी में जहां अपने गेम प्लान पर बने रहते बड़े रन बनाए। यह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। मेरी किताब में वह अभी से ही दिग्गज हैं, वह बेशक मौजूदा समय में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।

राहुल ने जमाया रंग

बल्लेबाजी के अलावा भारत के लिए अच्छा विषय कैच रहा, जहां राहुल ने बाजी मारी। भारतीय तेज गेंदबाजों को स्लिप में एक बेहतर कैचर की जरूरत होती है। वह स्लिप में खड़े इन खिलाड़ियों से खुश भी होंगे।

पंत ने भी किया प्रभावित

मैं पदार्पण कर रहे रिषभ पंत की विकेटकीपिंग से भी बेहद प्रभावित हुआ। उनका टेस्ट करियर की दूसरी ही गेंद पर लगाया गया छक्का गपशप करने वाला रहा, लेकिन उन्होंने एक शानदार गेंद के स्ट्राइकर की प्रतिष्ठा को विकेटकीपिंग में भी बनाए रखा। कोई भी तारीफ भारतीय गेंदबाजों के लिए कम पड़ जाएगी। जसप्रीत बुमराह की वापसी ने एक नया आयाम गढ़ा, लेकिन इशांत ने भी काफी अच्छी गेंदबाजी की।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Pradeep Sehgal