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(वीवीएस लक्ष्मण का कॉलम)

टी-20 क्रिकेट वेस्टइंडीज का सबसे पसंदीदा प्रारूप है और उन्होंने दो बार टी-20 विश्व कप जीतकर इसको साबित भी किया है। अगर इसको छोड़ दिया जाए तो वह तीन मैचों की सीरीज में बिल्कुल अच्छा नहीं कर पाए। वह रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया से 0-3 से सीरीज गंवा बैठे। विंडीज की टीम में कई बड़े नाम नहीं थे। हालांकि तब भी उनके पास कई अच्छे बल्लेबाज थे जिनमें छाप छोड़ने की काबिलियत थी, लेकिन शुरुआती दो मुकाबलों में उन्होंने गलत शॉट चयन से खुद पर सवाल खड़े होने दिए। साथ ही वह चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को भी समझने में कामयाब नहीं रहे।

तीसरे मैच में जब कुलदीप नहीं खेले तो वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी चली। यह इस बात को साफ दिखाता है कि वे कुलदीप को समझने में नाकामयाब रहे। हालांकि इसके बावजूद भी वे आखिरी मुकाबला नहीं जीत पाए और सीरीज का अंतर नहीं बदल पाए। भारतीय टीम में यह बड़ा अंतर वरिष्ठ बल्लेबाजों के प्रदर्शन से आया। एक ओर जहां रोहित शर्मा और शिखर धवन ने पूरी तरह से दबाव बनाया, तो वहीं विंडीज की टीम को अपने सीनियर बल्लेबाजों डेरेन ब्रावो और कीरोन पोलार्ड से बेहतर परिणाम नहीं मिला।

साथ ही ओशाने थॉमस के अलावा उनका कोई भी गेंदबाज छाप नहीं छोड़ पाया। मेहमान टीम ज्यादातर अपने बल्लेबाजों पर निर्भर रहती है। अगर वह नहीं चल पाएं तो उनके पास जीतने का मौका बेहद कम होता है। कुछ ऐसा ही वेस्टइंडीज की टीम के साथ हुआ। उम्मीद है कि यह टीम इस दौरे से सीखेगी और भविष्य में विदेश जाकर अच्छा प्रदर्शन करेगी।

मैं एक बार दोबारा रोहित की कप्तानी से प्रभावित हुआ। वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, खासकर टी-20 में और अपने साथियों का अच्छे से नेतृत्व कर रहे हैं। वह मैदान पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। वह लगातार बल्लेबाजी भी अच्छी कर रहे हैं और लखनऊ में लगाया गया उनका करियर का चौथा टी-20 शतक उनको हमेशा याद रहेगा। मैंने कुछ ही बल्लेबाजों में ताकत और तारम्यता एक साथ देखी है।

यह देखकर भी काफी अच्छा लगा कि शिखर धवन आगामी ऑस्टेलिया दौरे से पहले रन बनाते दिखे और उनकी युवा रिषभ पंत के साथ चेन्नई में की गई साझेदारी भी शानदार रही। हालांकि पंत को अपनी क्षमता को पहचाननी होगी। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वह मुश्किल में पड़ सकते हैं। वह अपने नेचुरल गेम के साथ ही जाएं जिससे वह अच्छे बड़े शॉट लगा सकेंगे। अगर वह इसको अपनाने में सफल रहते हैं तो उनके लिए बेहतर होगा।

जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया जबकि कुलदीप ने साबित किया कि वह सफेद गेंद की क्रिकेट के सबसे बेहतरीन गेंदबाज हैं। उनका अपनी गेंदबाजी पर नियंत्रण शानदार है। उन्होंने अच्छे से अपनी चाल चली। विंडीज के बल्लेबाजों को कोई अंदाजा नहीं था कि गेंद किस ओर टर्न लेगी। यह कुलदीप हस्तकला का बेहद शानदार नमूना है।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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