सुनील गावस्कर का कॉलम

दूसरे टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी की। भारत ने इस मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है और अब उसे इस मुकाबले को जीतने में ज्यादा देर नहीं करनी चाहिए। उन्हें इंग्लिश कप्तान जो रूट का भी शुक्रिया अदा करना चाहिए जिन्होंने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया। उनका यह फैसला हालांकि समझ में आता है क्योंकि पहले दो टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज बहुत ही रक्षात्मक खेल रहे थे और स्विंग गेंद का सामना नहीं कर पा रहे थे, हालांकि विराट कोहली इस मामले में अपवाद रहे और पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की।

भारतीय खिलाड़ी बर्मिंघम और लॉ‌र्ड्स में यो-यो टेस्ट में फेल हो गए क्योंकि वह ऑफ स्टंप के बाहर यो-यो जैसी स्विंग होती गेंद को संभाल नहीं पाए। ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में भारतीय टीम में नई प्रतिबद्धता के साथ नजर आई। जिस ढंग से बल्लेबाज गेंद को पैड के पास खेल रहे थे, वह उसका सबूत है। बादल भरे मौसम में भी भारतीय ओपनरों ने 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी निभाई। धवन और राहुल हालांकि दूसरी पारी में जिस ढंग से आउट हुए, वे खुद को कोस रहे होंगे। हालांकि उनके प्रयासों ने कोहली और रहाणे के लिए पहली पारी में और दूसरी पारी में कोहली-पुजारा के लिए काम आसान कर दिया। पुजारा का प्रयास उनके करियर को बचाने वाला साबित हो सकता है क्योंकि अगर वह विफल होते तो निश्चित तौर पर उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता।

Posted By: Sanjay Savern