(सुनील गावस्कर का कॉलम)

गुवाहाटी के हालात ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के मुफीद थे, जिसका फायदा उठाकर टीम ने अपनी खोई लय हासिल कर ली। बारिश ने पिच को फिर से थोड़ा ताजा कर दिया था और कवर से ढके होने के बावजूद पिच के ऊपरी सतह के नीचे नमी आ गई थी। लेकिन, इसमें दो राय नहीं कि किसी भी हालात को भुनाना अहम है और यही काम जेसन बेहरेनडॉर्फ ने किया। 

उन्होंने दायें हाथ के बल्लेबाज रोहित शर्मा को अंदर आती गेंदों पर फांसा। रोहित अकसर अंदर की ओर आती गेंदों पर असहज दिखते हैं और इस बार भी वही हुआ। उनके पैर सही से नहीं हिले और उन्होंने विकेट गंवा दिया। कुछ गेंद के बाद कप्तान विराट कोहली भी एक तेजी से स्विंग करती गेंद पर चकमा खा गए और टी-20 प्रारूप में पहली बार खाता खोले बगैर पवेलियन लौट गए।

भारत के लिए इसके बाद कोई साझेदारी नहीं देखने को मिली। हर बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के चक्कर में लौटता गया। यहां आउट होने के तरीकों से एक बात यह समझ में आई कि अगर मैदान की बाउंड्री कम न करके सामान्य दूरी पर हो, तो मुकाबला बराबरी का हो जाता है, क्योंकि ऐसे में डीप में बल्लेबाज कैच आउट हो जाता है, जिस पर उसे सामान्यत छह रन मिलते। 

भारतीय स्पिनर्स को गीले मैदान की वजह से दिक्कत हुई। हेनरिक्स और हेड ने अपनी बल्लेबाजी से ताजगी का अहसास दिलाया। हेनरिक्स को ऊपर नंबर तीन पर भेजा जाना एक सोची समझी और अच्छी चाल थी। पिछले सप्ताह हैदराबाद में काफी बारिश हुई, जिस कारण वहां के क्यूरेटर को अपने मनमाफिक पिच तैयार करने में परेशानी तो हुई होगी। यहां हैदराबाद में पिच में थोड़ी जान हो सकती है और यह चीज एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को फायदा पहुंचा सकती है बेहरेनडॉर्फ यहां भी ठीक वैसी ही गेंदबाजी कर पाते हैं जैसी उन्होंने गुवाहाटी में की थी। ऑस्ट्रेलियाई इस दौरे का अंत जीत के साथ करना चाहेंगे। वह अगले महीने एशेज की लड़ाई से पहले भारत से अपने घर सकारात्मक होकर लौटें। 

(पीएमजी)

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Posted By: Bharat Singh