(गावस्कर का कॉलम)

अब जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भारत 0-2 से पिछड़ रहा है, तो भारत सिर्फ सीरीज में ड्रॉ की ही उम्मीद कर सकता है। मुरली विजय का अभी तक का प्रदर्शन सीरीज में भारत के लिए सकारात्मक पहलू रहा है। मुरली के शतक की बदौलत भारत ने पहली पारी में 400 से ज्यादा रन बनाए। वह पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और एक अच्छे ओपनर के रूप में विकसित हो रहे हैं। उनके पास हर तरह के शॉट हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार आपको अपने कुछ शॉट ठंडे बस्ते में रखने पड़ते हैं और ऐसा ही उन्होंने किया। ऑफ स्टंप के आसपास उनके निर्णय काफी सटीक हैं और नई गेंद से उन्हें कोई समस्या नहीं होती। विराट कोहली और अंजिक्या रहाणे भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन रहाणे अभी तक वह ऐसी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं, जिससे विपक्षी टीम से मैच को छीना जा सके।

जहां तक बड़ी पारी की बात है, तो भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज हाशिम अमला और एबी डिविलियर्स की ओर देख सकते हैं, जो शानदार फॉर्म को जारी रखे हुए हैं। अमला ने एक और दोहरा शतक जड़ा, जबकि डिविलियर्स ने फिर से 150 से ज्यादा का स्कोर किया। इसके बाद दूसरी पारी में डेल स्टेन ने अपने तेज तर्रार स्पेल से वेस्टइंडीज टीम को उखाड़ दिया। इसी वजह से उन्हें मौजूदा पीढ़ी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी ब्रिस्बेन टेस्ट में पांच विकेट लिए जिससे पहली पारी में भारतीय टीम बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सकी। हेजलवुड, जॉनसन, स्टेन और फिलेंडर ने दिखा दिया है कि जब तक टीम में ऐसा गेंदबाज नहीं है, जो लगातार पांच विकेट लेने की क्षमता रखता है, तब तक टीम जीत की उम्मीद नहीं कर सकती। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हाशिम अमला को उनके दोहरे शतक के लिए इस हफ्ते का सिएट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ऑफ द वीक चुना जाता है।


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Posted By: sanjay savern

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