(महेला जयवर्धने का कॉलम)

भारतीय टीम सोमवार को त्रिकोणीय टी-20 सीरीज में अपना तीसरा मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ खेलने उतरेगी। मेजबान श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच हारने के बाद यकीनन भारतीय टीम निराश होगी लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ उसने अच्छे प्रदर्शन के जरिए वापसी की है। कई सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में शिखर धवन ने अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है और विश्वास के साथ 90 और 55 रन की पारियां खेली है। टी-20 क्रिकेट में जब आपके ओपनर रन बनाते हैं तब यह हमेशा मददगार साबित होता है और धवन यही महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।

मुझे नहीं लगता कि श्रीलंका के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में हारने के बाद भारतीय टीम ज्यादा चिंतित होगी। उन्होंने 175/5 का एक सम्मानजनक स्कोर बनाया जो कि प्रेमदासा स्टेडियम में एक बढ़िया स्कोर था लेकिन गेंदबाजी में वे विफल रहे। लेकिन यह एक नई टीम है जिसमें अनुभव की कमी है। कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम देने के बावजूद मेरी समझदारी के मुताबिक, भारत के कुछ बेहद प्रतिभावान युवा खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने के लिए बेकरार हैं और मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि कौन आगे आता है।

श्रीलंका की बात करें तो कुशल परेरा ने 37 गेंदों पर 66 रन की जैसी आतिशी पारी खेली उसने उन्हें इस प्रारूप का आकर्षक प्रतिभाशाली क्रिकेटर बनाया है जो कि पिछले कुछ वर्षो से चोट से जूझ रहे थे। उन्हें इसी तत्परता के साथ लगातार ऐसा ही खेलना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि इस पारी की बदौलत उनके अस्थिर करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। वह एक बेहद प्रतिभाशाली और विध्वंशकारी बल्लेबाज हैं।

हाल के दिनों में कोलंबो में थोड़ी बारिश देखने को मिली है और मैं चिंता में हूं कि अगले दौर के मुकाबले कैसे होंगे। शुरुआत में गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि प्रेमदासा की पिच पर अच्छी उछाल और गति थी। हालांकि, अतिरिक्त नमी की वजह से हम बदलाव देख सकते हैं और इससे गेंदबाजों को अतिरिक्त मदद मिल सकती है। इंतजार करते हैं और देखते हैं कि क्या होता है।

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By Pradeep Sehgal