नई दिल्ली, जेएनएन। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय स्पिनरों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था। इंग्लैंड दौरे पर स्पिनर्स के प्रदर्शन को देखते हुए टीम मैनेजमेंट एक स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त करने वाली है। इस खबर के सामने आने के बाद पूर्व भारतीय लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने भारतीय टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच बनने की इच्छा जताई है।

शिवरामाकृष्णन ने कहा कि स्पिन सलाहकार या कोच के तौर पर मैं अपने स्पिनरों की 2019 वर्ल्ड कप तक मदद करना चाहुंगा। 11-40 ओवर के बीच हमें विकेट चटकाने होते हैं और अगर हमारे स्पिनर इन ओवरों के दौरान 5 विकेट लेने में कामयाब रहते हैं तो फिर टीम का काम आसान हो जाएगा।

शिवरामाकृष्णन ने कहा कि अगर बीच के ओवरों में विकेट नहीं मिलती है तो विपक्षी टीम हावी हो जाती है। इसके बाद वो आखिर के 10 ओवरों में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश करते हैं।

आपको बता दें कि लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन अपने जमाने के काफी बड़े स्पिनर थे। उन्होंने साल 1980 में अपना डेब्यू किया था। 1984-85 में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट मैच में उन्होंने 12 विकेट चटकाकर भारतीय टीम को जीत दिलाई थी। उन्होंने सीरीज में कुल मिलाकर 23 विकेट चटकाए थे और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज भी चुना गया था।

एल शिवरामाकृष्णन ने आगे कहा कि हमारे सभी स्पिनर काफी अच्छे हैं लेकिन उन्हें एक अच्छे लय की जरुरत होती है। कुलदीप यादव जब गेंद छोड़ते हैं तो उसके अंदर उन्हें सुधार की जरुरत है। उनका शरीर अच्छी पोजिशन में नहीं होता है। वहीं अगर युजवेंद्र चहल की अगर बात करें तो वो लेग और मिडिल पर ड्रिफ्ट कराने की कोशिश करते हैं, इससे बल्लेबाज उनकी गेंद पर मिड विकेट की दिशा में शॉट खेल सकता है। अगर वो ऑफ स्टंप या फिर स्टंप के बाहर गेंदबाजी करेंगे तो बल्लेबाज को ऑफ साइड में ही खेलना पड़ेगा और उधर काफी फील्डर तैनात होते हैं। इस स्थिति में उसकी गुगली और भी खतरनाक हो जाएगी।

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Posted By: Pradeep Sehgal