सुनील गावस्कर का कॉलम

भारत के लिए टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करना एक तरह से सही हुआ है। पिच को देखते हुए लगता है कि चौथी पारी में गेंद टर्न होगी और आखिरी में बल्लेबाजी करना इस पिच पर आसान नहीं होगा। जब भारत ने बिना कोई विकेट गंवाए 50 रन बना लिए तो इंग्लिश कप्तान जो रूट को लगने लगा कि कहीं उनका फैसला गलत तो नहीं था। धवन और राहुल अच्छा खेल रहे थे और वे अपने शरीर के नजदीक गेंद को खेल रहे थे और ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों से छेड़छाड़ नहीं कर रहे थे।

हालांकि अगले घंटे में इंग्लैंड ने वापसी की और दूसरे टेस्ट के हीरो क्रिस वोक्स ने धवन को एक खूबसूरत गेंद पर आउट कर दिया और अगले ही ओवर में राहुल भी स्टंप के सामने पकड़े गए। स्कोरिंग रेट को लेकर आलोचना झेलने वाले पुजारा भी लंच से ठीक पहले गेंद पर शॉट खेलने के चक्कर में कैच दे बैठे। यह उनका स्वाभाविक शॉट नहीं था और यह दिखाता है कि जब किसी बल्लेबाज ने 4000 से ज्यादा रन बनाए हों, तो उनके स्टाइल में बदलाव करना कितना खतरनाक हो सकता है। पुजारा का मजबूत पक्ष क्रीज पर टिके रहना है जबकि दूसरे खिलाड़ी शॉट खेलते हैं।

कोहली और रहाणे की साझेदारी ने पारी को संभाला और इंग्लैंड को एक बार फिर से बैकफुट पर ला दिया। अगर भारत 300 का स्कोर बना लेता है, तो वह मैच पर अपनी पकड़ बना सकता है।

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Posted By: Sanjay Savern