(सुनील गावस्कर का कॉलम)

लक्ष्य का पीछा करने में मास्टर विराट कोहली ने एक बार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में खेले गए पहले वनडे में जीत दिलाई। यह लक्ष्य इतना आसान नहीं था क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी कर एक सम्मानजनक स्कोर हासिल कर लिया था। हालांकि वह आदर्श स्कोर से करीब 30 रन पीछे रह गए, लेकिन भारतीय स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रनों की रफ्तार पर पूरी तरह से लगाम लगा डाली। उनके पास एबी डिविलियर्स जैसा बल्लेबाज नहीं था, जो बड़े शॉट खेलकर स्कोर को 300 के पार पहुंचाता। किंग्समीड की पिच धीमी थी और इस पर बहुत ही कम उछाल था। इन परिस्थितियों का दो कलाई के स्पिनरों ने पूरा फायदा उठाया। दोनों ही युवा स्पिनर गेंद को हवा में रखते हुए बल्लेबाज को बड़े शॉट खेलने का न्योता देने में डरते नहीं हैं। कभी—कभी उन पर बड़े शॉट लग भी जाते हैं, लेकिन अधिकतर मौकों पर वे विकेट लेने में कामयाब रहते हैं।

दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाया, लेकिन वह किसी भी वक्त भारत के लिए खतरा पैदा करते हुए नहीं दिखे। क्रिस मॉरिस को छोड़कर किसी भी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया क्योंकि विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। इस वजह से उन्हें खुलकर बड़े शॉट लगाने का मौका नहीं मिला। डरबन में कहा जा रहा था शाम ढलने के बाद पिच थोड़ी तेज हो जाएगी, लेकिन रोहित शर्मा और शिखर धवन को तो यही पसंद है। दोनों ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन रोहित बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हो गए और इसके बाद कोहली के कहने पर एक असंभव रन के लिए दौड़कर रनआउट होने से पहले शिखर धवन ने कप्तान के साथ अच्छी साझेदारी निभाई।

रन आउट होने से पहले धवन प्रोटियास के खिलाफ एक और बड़ी पारी खेलते दिखाई दे रहे थे। कोहली ने यह माना कि धवन उनकी वजह से रनआउट हुए हैं और वह हर गेंद को ज्यादा दृढ़ता से खेलते रहे। उनकी बल्लेबाजी की सहजता की वजह से गेंदबाज के पास कोई मौका नहीं रह जाता। उनका संतुलन कमाल का है और जब वह आगे झुककर कवर ड्राइव लगाते हैं, तो उससे ज्यादा बेहतर दृश्य कोई और हो ही नहीं सकता। रहाणे ने वांडरर्स टेस्ट की अपनी शानदार फॉर्म को यहां भी जारी रखा और यह साबित कर दिया कि पहले दो टेस्ट मैचों में उन्हें बाहर बैठाना बड़ी भूल थी। उनकी बल्लेबाजी भी बहुत ही सहज थी और इन दोनों को दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी के साथ खेलते देखना सच में शानदार अनुभव था। सेंचुरियन की पिच डरबन की तुलना में ज्यादा तेज होगी। इसके अलावा यह मैच दिन की रोशनी में खेला जाएगा, इससे दक्षिण अफ्रीका में शाम ढलने के बाद मिलने वाली मदद नहीं मिलेगी। भारत को जीत का खून मुंह लग गया है और वे अब आसानी से दक्षिण अफ्रीका को सीरीज में वापसी नहीं करने देंगे। 

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Posted By: Sanjay Savern