(सुनील गावस्कर का कॉलम)

भारत ने बिना पसीना बहाए टेस्ट और वनडे सीरीज जीत ली। विशाखापत्तनम में टाई और पुणे में हार के बावजूद भारतीय टीम को बाकी तीन मैचों में बमुश्किल ही परेशानी हुई। निश्चित तौर पर भी विंडीज टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं। वे दुनियाभर में मशरूम की तरह उगी टी-20 लीगों में खेलने में व्यस्त हैं। हालांकि यह समझ में आता है क्योंकि कैरेबियाई द्वीप में कमाई के साधन बहुत ही कम हैं और खिलाड़ियों को अपना भविष्य भी सुरक्षित करना है। इनमें से अधिकतर खिलाड़ी अब टी-20 सीरीज में उपलब्ध हैं, इसलिए आइसीसी टी-20 विश्व चैंपियन होने के नाते विंडीज के सामने भारत के लिए चीजें इस बार आसान नहीं होंगी।

कोहली का न होने विंडीज़ के लिए अच्छा

भारत भी कप्तान विराट कोहली के बिना ही उतरेगा। हालांकि टीम ने एशिया कप जीतकर दिखा दिया कि उनके बिना भी भारतीय टीम में जीतने की काबिलियत है। वेस्टइंडीज के लिए यह बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ है। उन्हें उम्मीद होगी कि वे शुरुआती विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी पर दबाव बना सकेंगे। आइपीएल की वजह से भारतीय खिलाड़ियों के पास टी-20 का अपार अनुभव है लेकिन हम पहले भी देख चुके हैं कि फ्रेंचाइजी के लिए खेलना और देश के लिए प्रदर्शन करना दो अलग-अलग चीजें हैं। भारत ने धीमी गेंदबाजी के कई सारे विकल्प शामिल किए हैं क्योंकि इन पर बड़े शॉट खेलना मुश्किल होगा। हालांकि पावर हिटर गेंद को फिर भी मैदान के बाहर पहुंचा सकते हैं।

रिषभ-कार्तिक के लिए अच्छा मौका

धौनी भी इस बार टीम में नहीं है और यह रिषभ पंत व दिनेश कार्तिक के लिए अपनी जगह पक्की करने का शानदार मौका है। दोनों का आइपीएल में शानदार रिकॉर्ड है और अब भारत के लिए इसे दोहराना चाहेंगे। इसके अलावा क्रुणाल पांड्या भी दिखा चुके हैं कि वह एक स्ट्रीट स्मार्ट क्रिकेटर हैं। दोनों ही टीमों के युवा खिलाड़ियों के लिए यह अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मौका है। वे यह बता सकते हैं कि आइपीएल जैसा प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी संभव है। इस सीरीज के रोमांचक होने की संभावना है और इसकी शुरुआत कोलकाता के ईडन गार्डेस से हो रही है। इससे अच्छी बात भला क्या हो सकती है।

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Posted By: Pradeep Sehgal