(वीवीएस लक्ष्मण का कॉलम)

सीरीज जीतने के बाद भी रोहित शर्मा की टीम का बल्लेबाजी में चुनौती देना और हैमिल्टन के बाद वेलिंगटन की पिच पर रोहित को खुद भी बल्लेबाजी का फैसला करते देखना सुखद था। हालांकि हैमिल्टन की तरह ही वेलिंगटन में भी भारतीय बल्लेबाजी शीर्ष क्रम विफल रहा, लेकिन मध्य क्रम ने शानदार वापसी कराई।

रायुडू ने पिछले मैच से बड़ी सीख ली, वेलिंगटन में उन्होंने अपना समय लिया, जो शुरुआती घंटों में खेल की जरूरत भी थी, क्योंकि वह किसी भी समय अपना गेयर बदल सकते हैं। उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया। विजय शंकर ने अपने पहले वनडे में शानदार तकनीक और व्यक्तित्व दिखाया। उनकी रायुडू के साथ साझेदारी ने बड़े स्कोर की नींव रखी, जिसके बाद केदार जाधव और हार्दिक पांड्या ने शानदार हिटिंग की। 2017 में श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला से लेकर हैमिल्टन तक भारत शीर्ष क्रम के जल्दी धराशायी होने के बाद वापसी नहीं कर पाया था। इस बार उनको वापसी करते देखना अच्छा लगा। यहां बल्लेबाजों की रणनीति विकेट हाथों में रखकर अंत में प्रहार करने की रही, जो सफल हुई।

न्यूजीलैंड की टीम अपने प्रदर्शन से खुश नहीं होगी। उनकी बल्लेबाजी घरेलू परिस्थिति में भी जूझती दिखी, जो उनके लिए चिंता का विषय है। कीवी बल्लेबाज भारत की अच्छी गेंदबाजी का सामना नहीं कर सके। नई गेंद के गेंदबाज शानदार रहे और चहल ने मध्य ओवरों में बल्लेबाजों को मुश्किलों में डाला। न्यूजीलैंड हालांकि ट्रेंट बोल्ट के प्रदर्शन से खुश होगा, जिनका प्रदर्शन विश्व कप में अहम योगदान निभा सकता है।

भारत अपने वेलिंगटन में जीत के अभियान को टी-20 में भी जारी रखना चाहेगा। मुझे विश्वास है कि इससे और भी ज्यादा मैच विजेता निकल पाएंगे। अंत में कहना चाहूंगा कि मैं विराट कोहली की अनुपस्थिति में दिनेश कार्तिक को नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते देखना चाहता हूं। दिनेश सहित रिषभ पंत और क्रुणाल पांड्या को बड़ी जिम्मेदारी देना बहुत जरूरी है। रिषभ अच्छी फॉर्म में है और क्रुणाल ने ऑस्टेलिया में गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया था। दोनों ही डेथ ओवरों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, हार्दिक का टीम में होना भविष्य के लिए अच्छा संकेत है।

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Posted By: Pradeep Sehgal